CM Yogi Video Conferencing: सीएम योगी की देर रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, ‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति खत्म करने के निर्देश

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CM Yogi Video Conferencing: अपराध नियंत्रण को लेकर सीएम योगी सख्त, हर सप्ताह होगा क्राइम एनालिसिस

बाढ़ राहत से लेकर त्योहारों की सुरक्षा तक, सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार देर शाम शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और फील्ड में तैनात पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जनहित से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व न्यायालयों में पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से निस्तारित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आम नागरिक की जमीन, संपत्ति और अधिकारों से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और ‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति हर हाल में बदलनी होगी।
मुख्यमंत्री ने नायब तहसीलदार न्यायालय से लेकर राजस्व परिषद तक पांच वर्ष से अधिक पुराने लंबित मामलों को चिन्हित कर नियोजित तरीके से निस्तारित कराने को कहा। धारा 33 के अविवादित वरासत मामलों को मिशन मोड में निपटाने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में राजस्व न्यायालयों की कोर्टवार समीक्षा और लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा गया।

गलत शिकायत निस्तारण पर सख्ती

मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन और आईजीआरएस में प्राप्त जनशिकायतों के त्वरित एवं संतोषजनक निस्तारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिकायत का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान होना चाहिए।

समीक्षा में गलत अथवा अधूरी रिपोर्ट के आधार पर शिकायतें बंद किए जाने के मामले सामने आने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों की दोबारा जांच कराई जाए। जिन मामलों में गलत आख्या के आधार पर शिकायत बंद की गई है, उनमें संबंधित जिलाधिकारी या पुलिस कप्तान से पांच दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा जाए।

गंभीर अपराधों में 5.1 प्रतिशत की कमी
बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों के अनुसार 13 जुलाई से 23 अगस्त के बीच गंभीर अपराधों में 5.1 प्रतिशत और महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में 3.9 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विरुद्ध अपराधों में भी 11.2 प्रतिशत की कमी बताई गई।

मुख्यमंत्री ने जोन और रेंज स्तर पर हर सप्ताह क्राइम एनालिसिस करने के निर्देश दिए। महिला और बाल अपराधों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई के साथ महिला बीट पुलिस अधिकारियों की सक्रियता बढ़ाने को कहा गया।

जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन में खास सुरक्षा
आगामी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मथुरा-वृंदावन में व्यापक क्राउड कंट्रोल प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। बांके बिहारी मंदिर के लिए अलग कार्ययोजना बनाने और जरूरत के अनुसार होल्डिंग एरिया विकसित करने को कहा गया।
वृंदावन में नया पुलिस सर्किल गठित करने और मथुरा तथा वृंदावन में अलग-अलग ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश भी दिए गए हैं।

गणेश विसर्जन में हाईटेंशन तार और नदियों को लेकर सतर्कता

गणेश चतुर्थी के बाद प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने विशेष सतर्कता बरतने को कहा। हाईटेंशन तारों से दुर्घटना रोकने के लिए प्रतिमाओं की ऊंचाई निर्धारित सीमा में रखने और उफनती नदियों को देखते हुए विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
माफियाओं पर कार्रवाई और 24 घंटे अलर्ट
मुख्यमंत्री ने माफियाओं के खिलाफ अभियान लगातार जारी रखने को कहा। गो-तस्करी, धर्मांतरण और धार्मिक स्थलों से जुड़ी घटनाओं को लेकर पुलिस-प्रशासन को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और अराजक तत्वों पर प्रभावी नजर रखने को कहा गया।

पांच जिलों में बाढ़ राहत की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट, फर्रुखाबाद, अयोध्या, आजमगढ़ और बाराबंकी में बाढ़ राहत कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने राहत शिविरों में लोगों को पर्याप्त और गर्म भोजन उपलब्ध कराने तथा राहत सामग्री की गुणवत्ता जिलाधिकारियों द्वारा स्वयं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जलभराव वाले क्षेत्रों में सर्पदंश से बचाव के लिए एंटी-वेनम और एंटी-रेबीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। बाढ़ का पानी उतरने के बाद संभावित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल कैंप लगाने के निर्देश भी दिए गए।


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