श्री राम राखी पर्व 2026: श्रृंगी ऋषि आश्रम की नई पहल, देश के शीर्ष पदों तक पहुंचेगा राखी का भावनात्मक रिश्ता

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श्री राम राखी पर्व 2026: केले के तने के रेशे और मधुबनी कला से बनी राखियां, रामलला संग राष्ट्रपति-PM को भेजेंगे समिति

अयोध्या। रक्षाबंधन के पर्व पर अयोध्या के श्रृंगी ऋषि आश्रम से इस बार राखी का भावनात्मक रिश्ता देश के शीर्ष संवैधानिक पदों तक पहुंचेगा। भगवान श्रीराम की बहन मां शांता देवी की ओर से हर वर्ष रामलला के लिए राखी भेजने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्रृंगी ऋषि महोत्सव समिति ने इस बार नई पहल की है। समिति की ओर से रामलला के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए भी विशेष राखियां तैयार कर भेजी जा रही हैं।

मान्यता है कि श्रृंगी ऋषि की पत्नी मां शांता भगवान श्रीराम की बहन थीं। इसी आस्था और परंपरा के तहत प्रत्येक वर्ष श्रृंगी ऋषि आश्रम से मां शांता देवी की ओर से रामलला को राखी भेजी जाती है। इस वर्ष समिति ने इस परंपरा का विस्तार करते हुए देश के प्रमुख संवैधानिक और राजनीतिक पदों पर आसीन लोगों तक भी राखी पहुंचाने का निर्णय लिया है।

श्री राम राखी पर्व के संस्थापक सीताराम दास ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी बाबा श्रृंगी ऋषि आश्रम से मां शांता देवी की ओर से रामलला के लिए राखी भेजी जाएगी, इससे पहले राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल के लिए भी राखियां भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि इन राखियों के साथ रामलला का प्रसाद भी भेजा जा रहा है।

इन विशेष राखियों को तैयार करने में पारंपरिक कला और स्थानीय सामग्री का प्रयोग किया गया है। केले के तने के रेशों से राखी तैयार की गई है। इसके अलावा बिहार की प्रसिद्ध मधुबनी कला, भागलपुरी रेशमी धागे और मखाने का इस्तेमाल कर भी आकर्षक राखियां बनाई गई हैं।

श्री राम राखी पर्व के राष्ट्रीय संरक्षक प्रदीप जायसवाल ने बताया कि श्रृंगी ऋषि आश्रम से हर वर्ष मां शांता की ओर से रामलला को राखी समर्पित की जाती है। इस बार उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, रक्षा मंत्री और राज्यपाल को भी राखियां भेजी जा रही हैं।

समिति के अनुसार राखी भेजने के पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, अखंडता और मंगलकामना का संदेश देना है। ‘यतो धर्मस्ततो जयः’, ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना के साथ ये राखियां पोस्ट की जरिए भेजी जा रही है।


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