
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: अविनाश शुक्ला की 24 घंटे की रिमांड मंजूर, एसआईटी करेगी पूछताछ
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच लगातार तेज होती जा रही है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) एक बार फिर अयोध्या पहुंच गई है और पूरे प्रकरण की गहन पड़ताल में जुटी हुई है। इस बहुचर्चित मामले में एसआईटी पहले ही अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को सौंप चुकी है। अब जांच एजेंसी का पूरा फोकस आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ कर चोरी की घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने पर है। क्योंकि सबसे ज्यादा रकम अविनाश शुक्ला से बरामद हुयी थी इसलिए टीम का सबसे ज्यादा फोकस इसी है।
24 घंटे की रिमांड में गहन पूछताछ, खुल सकते हैं कई अहम राज
जानकारी के अनुसार एसआईटी ने आरोपी अविनाश शुक्ला की पुलिस रिमांड के लिए न्यायालय में आवेदन किया था। जांच एजेंसी ने आरोपी से विस्तृत पूछताछ के लिए तीन दिन की रिमांड की मांग की थी, ताकि चोरी की पूरी साजिश, घटना के दौरान की गतिविधियों, बरामदगी और संभावित सहयोगियों के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जा सके। हालांकि न्यायालय ने एसआईटी की मांग पर विचार करते हुए आरोपी को 24 घंटे की पुलिस रिमांड पर सौंपने का आदेश दिया है।
एसआईटी अब इस 24 घंटे की अवधि का पूरा उपयोग करते हुए आरोपी से गहन पूछताछ करेगी। जांच अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिससे पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में मदद मिलेगी। टीम चोरी की घटना के पीछे की योजना, वारदात को अंजाम देने के तरीके, चोरी किए गए चढ़ावे के संबंध में जानकारी तथा अन्य संभावित पहलुओं पर भी आरोपी से सवाल करेगी।
सूत्रों के अनुसार जांच टीम आरोपी के बयानों का मिलान अब तक जुटाए गए साक्ष्यों और तकनीकी तथ्यों से भी करेगी। यदि पूछताछ के दौरान कोई नई जानकारी सामने आती है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी इस मामले में किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं करना चाहती और हर बिंदु पर बारीकी से जांच कर रही है।
जांच दूसरे चरण में, आमने-सामने पूछताछ और साक्ष्यों के सत्यापन पर फोकस
जानकारी के अनुसार एसआईटी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट पहले ही संबंधित अधिकारियों को सौंप चुकी है। अब जांच का दूसरा चरण शुरू हो गया है, जिसमें आरोपी से आमने-सामने पूछताछ, उपलब्ध साक्ष्यों का सत्यापन और पूरे घटनाक्रम का पुनर्निर्माण प्रमुख रूप से शामिल है। जांच एजेंसी का प्रयास है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों को स्पष्ट करते हुए निष्पक्ष और ठोस जांच पूरी की जाए।
राम मंदिर देश की आस्था का प्रमुख केंद्र होने के कारण इस मामले पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। ऐसे में जांच एजेंसियां भी पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई कर रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था और जांच प्रक्रिया दोनों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि किसी भी स्तर पर कोई चूक न हो।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 24 घंटे की पुलिस रिमांड के दौरान एसआईटी को आरोपी से क्या महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती हैं और क्या पूछताछ के आधार पर मामले में कोई नए तथ्य या अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है। फिलहाल विशेष जांच टीम पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इस प्रकरण में नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
अविनाश से होगी गहन पूछताछ, बरामद नकदी और नेटवर्क पर फोकस
अब पुलिस रिमांड के दौरान अविनाश शुक्ला से चढ़ावे की कथित हेराफेरी, बरामद नकदी के स्रोत, अन्य आरोपियों से उसके संबंध और पूरे नेटवर्क को लेकर गहन पूछताछ करेगी, जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछ ताछ मे मामले की कई यहां जानकारियाँ सामने आ सकती है
दरअसल पुलिस जांच के दौरान सबसे पहले और सबसे बड़ी नकद बरामदगी अविनाश शुक्ल के पास से हुई थी, उसके कब्जे से 20 लाख 39 हजार रुपये नकद, 1121 अमेरिकी डॉलर, करीब 11 ग्राम सोना और 375 ग्राम चांदी के जेवर बरामद किए जा चुके है, यही वजह है की पुलिस उसे इस मामले का अहम आरोपी मान रही है।

