
Ayodhya News: प्रसिद्ध दरगाह हजरत बड़ी बी साहिबा (बड़ी बुआ) में 23वें सालाना नज्र-ओ-नियाज, चादर पोशी एवं कुल शरीफ का आयोजन बड़ी शानो-शौकत से हुआ। बाबा चिराग देहलवी रहमतुल्लाह अलैह की बहन हजरत बड़ी बुआ साहिबा सूफी परंपरा की प्रतिष्ठित हस्ती हैं, जिनकी दरगाह पर सभी जाति-धर्म के लोग आस्था रखते हैं।
बाबा कयूम खान,मेराज बकाई, बाबा उवैस रजा कादरी, आसिफ नवाब, बाबा जाहिद खान वारसी आदि की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों जायरीन शामिल हुए। धर्मगुरु मुफ्ती-ए-अवध हजरत अल्लामा मौलाना मुफ्ती मोइनुद्दीन अशरफी ने तकरीर दी और हजरत बड़ी बुआ साहिबा के मर्तबे व शहर की अन्य मजारों का जिक्र किया।
बाबा कयूम खान ने बताया कि हर साल कुल शरीफ के अवसर पर जायरीनों के लिए लंगर शरीफ का आयोजन किया जाता है। यह कार्यक्रम करीब 22 वर्ष पहले हजरत मौलाना अनवार नईमी की सरपरस्ती में शुरू हुआ था। आयोजन में यतीम खाना बड़ी बुआ की व्यवस्था की सराहना की गई और सेक्रेटरी डॉक्टर इमरान खान की तारीफ हुई।
दरगाह के गद्दीनशीन मरहूम दिलावर अली के बाद अब मुमताज अली परंपरा के अनुसार 15 सफर को उर्स आयोजित करते हैं।
