
Ayodhya Roadways News : अयोध्या परिक्षेत्र के विभिन्न डिपो से कुल 80 बसों को आफ रोड कर दिया गया है। इसका परिणाम यह हुआ है कि क्षेत्रीय कार्यशाला को आउटसोर्स पर नियुक्त तकनीकी कर्मियों की ड्यूटी में कटौती करनी पड़ रही है। कारण यह है कि विभाग को फ्लीट में मौजूद रोडवेज बसों की संख्या के आधार पर ही तकनीकी कर्मियों को मानदेय भुगतान के लिए बजट आवंटित होता है।
अयोध्या। रोडवेज महकमें में नियमित कर्मचारियों और अधिकारियों के रिटायरमेंट की गति बढ़ गई है,जिसके कारण नियमित स्टाफ का टोटा खड़ा हो गया है। वहीं रोडवेज के फ्लीट (बेड़े) में शामिल बसों की अधिवर्षीता आयु अथवा निर्धारित किलोमीटर का संचालन पूरा होने के कारण बसों को नीलामी प्रक्रिया के लिए आफ रोड किया जा रहा है। रोडवेज की फ्लीट में बसों की तादात घटने का खामियाजा आउटसोर्स पर तैनात तकनीकी कर्मियों को भुगतना पड़ रहा है। परिवहन मुख्यालय की ओर से बजट कटौती के कारण रोडवेज की क्षेत्रीय कार्यशाला में आउटसोर्स कर्मियों की ड्यूटी में कटौती शुरु कर दी है। इस बाबत सेवा प्रबंधक के मौखिक आदेश पर कार्यशाला के सीनियर फोरमैन ने ड्यूटी कटौती का पूरा शेड्यूल जारी किया है।
क्षेत्रीय कार्यशाला के सीनियर फोरमैन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अयोध्या परिक्षेत्र के विभिन्न डिपो में कुल 80 बसें कम हुई है। जिसके कारण कार्यशाला में तैनात सभी आउटसोर्स तकनीकी कर्मियों को नियमित ड्यूटी दे पाना संभव नहीं है। ऐसे में साप्ताहिक आधार पर आउटसोर्स तकनीकी कर्मियों के ड्यूटी में कटौती की जा रही है। निर्धारित शेड्यूल के तहत सोमवार तीन अगस्त से शुरू प्रथम सप्ताह में कुल 24 लोगों के ड्यूटी में कटौती की गई है,जिसमें 20 लोगों को 9 अगस्त तक, एक को दस अगस्त तक और तीन लोगों को सप्ताह में दो दो दिन ड्यूटी से विरत रखा जाएगा।
दूसरे सप्ताह में 25 लोग ड्यूटी से पृथक रहेंगे। इनमें 21 कर्मी 10 से 16 अगस्त तक,एक 14 व 15 अगस्त तथा तीन कर्मी सप्ताह के दो दिन और तीसरे सप्ताह में कुल 21 लोगों में से 18 लोग 17 से 23 अगस्त तथा तीन कर्मियों को दो दिन ड्यूटी से अलग रखा जाने का निर्णय लिया गया है।
बजट में कटौती के कारण हुआ ऐसा
रोडवेज में तैनात आउटसोर्स तकनीकी अर्थात आईटीआई कर्मियों के मानदेय का भुगतान तो कुशल और अकुशल श्रमिक के आधार पर निर्धारित है लेकिन इसका बजट परिवहन मुख्यालय की ओर से प्रति माह आवंटित किया जाता है। विभागीय नियम कायदे के मुताबिक इसका निर्धारण क्षेत्र अथवा डिपो में उपलब्ध बसों के बेड़े के आधार पर किया जाता है। वर्तमान में अयोध्या परिक्षेत्र के परिवहन बेड़े में कुल 80 बसों की कमी हुई है,इसलिए मानदेय का बजट घट गया है। बजट की कटौती के कारण विभाग को आउटसोर्स तकनीकी कर्मियों की ड्यूटी में कटौती करनी पड़ रही है। ऐसे में आउटसोर्स तकनीकी कर्मियों को कम भुगतान मिलेगा।
