
गुरु पूर्णिमा 2026: सरयू स्नान, गुरु पूजन और धार्मिक अनुष्ठानों से आस्था में सराबोर अयोध्या
अयोध्या। गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व बुधवार को रामनगरी अयोध्या में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पवित्र सरयू तट पर उमड़ पड़ी। हजारों श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाकर स्नान और दान-पुण्य किया। धार्मिक मान्यता के अनुसार गुरु पूर्णिमा के दिन स्नान, दान और गुरु की आराधना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है तथा जीवन में ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
शहर के विभिन्न मठों, मंदिरों और आश्रमों में गुरु पूजन के विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। शिष्यों ने अपने गुरुजनों के चरण पखारकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा पुष्प, फल, वस्त्र और दक्षिणा अर्पित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। कई स्थानों पर गुरु वंदना, भजन-कीर्तन, सत्संग, यज्ञ और धार्मिक प्रवचनों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
धर्माचार्यों ने अपने प्रवचनों में गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि सनातन परंपरा में गुरु को अज्ञान रूपी अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने वाला मार्गदर्शक माना गया है। गुरु ही व्यक्ति को सत्य, धर्म और आध्यात्मिक जीवन का सही मार्ग दिखाते हैं।
गुरु पूर्णिमा को महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। वेदों के विभाजन और महाभारत सहित अनेक ग्रंथों की रचना करने वाले महर्षि वेदव्यास को भारतीय ज्ञान परंपरा का महान ऋषि माना जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गुरु के बताए मार्ग पर चलने, सदाचार अपनाने और समाज में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। पूरे दिन अयोध्या के धार्मिक स्थलों पर भक्तों की आवाजाही बनी रही और वातावरण भक्तिमय बना रहा।
