
सुंदरता पर दाग़: लोगों का आरोप-अतिक्रमण के खिलाफ औपचारिकता बन गया अभियान
कहा-निकाला जाए स्थाई समाधान, अतिक्रमणकारियों पर हो कठोर कार्रवाई
रामनगरी की सुंदरता पर अवैध अतिक्रमण का दाग, पुलिस की मौजूदगी में भी बेखौफ कब्जेदार
अयोध्या। अवैध अतिक्रमण की समस्या जिले में अब नासूर बन चुकी है, हर कोई इस समस्या से परेशान है। फुटपाथ पर अवैध कब्जे के कारण यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई है। हालांकि अतिक्रमण के खिलाफ अभियान तो चलाया जाता है, लेकिन उस पर अमल नहीं होता, नतीजा सिफर रहता है। इसकी बानगी फुटपाथ सड़कों पर सहज ही देखी जा सकती है।
राम जन्मभूमि क्षेत्र के अंतर्गत श्रीराम हॉस्पिटल–रेलवे स्टेशन रोड पर ठेला, खोमचा और ई-रिक्शा चालकों द्वारा सड़कों व फुटपाथों पर कब्जा किए जाने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। श्रद्धालुओं, यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को रोजाना जाम और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के दोनों ओर अवैध रूप से ठेले और दुकानें लगाई जा रही हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई कम हो गई है और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अभियान केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं। एक तरफ पुलिस और प्रशासन अतिक्रमण हटाता है, वहीं दूसरी तरफ कुछ ही समय बाद दोबारा ठेले और ई-रिक्शा सड़क पर कब्जा कर लेते हैं।
उनका कहना है कि अब तक अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई प्रभावी और सख्त विधिक कार्रवाई नहीं हो सकी है, जिसके कारण उनके हौसले बुलंद हैं। लगातार बढ़ते अतिक्रमण से न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि रामनगरी की सुंदरता और धार्मिक छवि पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने के बजाय स्थायी समाधान निकाला जाए तथा बार-बार अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। लोगों का मानना है कि जब तक सख्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक सड़कों और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कर पाना संभव नहीं है।

