‘रन फॉर योग’ के साथ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का हुआ आगाज

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर ‘रन फॉर योग’ का शुभारंभ, स्वस्थ जीवन का दिया संदेश

अयोध्या। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को जनपद में स्वास्थ्य और चेतना का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। राम की पैड़ी पर ‘रन फॉर योग’ एवं प्रतिदिन योग सत्र का उद्घाटन हुआ। इस वर्ष की थीम स्वस्थ आयु के लिए योग पर केंद्रित इस आयोजन ने सिद्ध किया कि योग के माध्यम से ही एक सशक्त और स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण संभव है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने हरी झंडी दिखाकर ‘रन फॉर योग’ को रवाना किया। उन्होंने कहा कि हमारे स्वास्थ्य कर्मियों ने जिस प्रकार ब्लॉक स्तर तक योग का प्रशिक्षण लिया और अब उसे जन-जन तक पहुँचा रहे हैं, वह सराहनीय है। यह संकल्प अब मात्र एक दिवस का कार्यक्रम न रहकर एक दैनिक जीवनशैली बन गया है। स्वस्थ अयोध्या के निर्माण में योग की भूमिका सर्वोपरि है।

कार्यक्रम में डॉ. राहुल कुमार सिंह, डॉ. मिथलेश कुमार वर्मा, डॉ. धर्मेंद्र कुमार वर्मा, डॉ. अशफाक अहमद, डॉ. हर्ष कुमार मिश्र, डॉ. अमृता सिंह, डॉ. रोमी गुप्ता, डॉ. गिरजेश्वर उपाध्याय, डॉ. सरिता त्रिपाठी, डॉ. कविता निगम, डॉ. अखिलेश मिश्र, डॉ. मोहम्मद तस्लीम, डॉ. अजहर बानो, डॉ. आदित्य प्रकाश, डॉ. राजेश कुमार गौतम, डॉ. चंद्रकेश कुमार, डॉ. राम सुमिर राव की उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त, फार्मासिस्ट श्री राकेश सिंह एवं श्री अशोक कुमार वर्मा के साथ नर्सिंग स्टाफ और अन्य विभागीय कर्मचारियों ने ‘रन फॉर योग’ में दौड़कर स्वास्थ्य के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता व्यक्त की।

प्रशिक्षण की नींव से बना जन-आंदोलन

इस मुख्य कार्यक्रम से पूर्व योग के प्रसार को जमीनी स्तर तक ले जाने के लिए व्यापक कार्ययोजना क्रियान्वित की गई। जिले में तैनात कुशल योग प्रशिक्षकों के माध्यम से आशा (ASHA), एएनएम (ANM) और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) को विशेष योग प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही, ब्लॉक स्तर पर भी प्रशिक्षकों द्वारा संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया, ताकि वे गाँव-गाँव और हर घर तक योग का संदेश पहुँचा सकें। आज का यह ‘रन फॉर योग’ उसी श्रृंखला का विस्तार है, जो अब एक विशाल राष्ट्रव्यापी जन-आंदोलन में परिवर्तित हो चुका है।

तनावमुक्त समाज की परिकल्पना को साकार करेगा योग का यह निरंतर अभ्यास 

क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, डॉ. महेंद्र सिंह विष्णु ने कहा कि योग के वैज्ञानिक पहलुओं को जनमानस तक पहुँचाने में हमारे स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका रीढ़ की हड्डी के समान है। स्वस्थ आयु के लिए योग’ केवल एक थीम नहीं, बल्कि बढ़ती उम्र में बीमारियों को नियंत्रित करने का एक अचूक माध्यम है। जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि एएनएम, आशा और सीएचओ के माध्यम से जो प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, उससे स्वास्थ्य तंत्र में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। योग का यह निरंतर अभ्यास तनावमुक्त समाज की परिकल्पना को साकार करेगा।


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