
स्टांप वेंडिंग सिस्टम के निजीकरण के विरोध में बीकापुर तहसील में हड़ताल, ठप रहे रजिस्ट्री व बैनामे के कार्य
बीकापुर। सरकार द्वारा स्टांप वेंडिंग सिस्टम के निजीकरण के प्रस्तावित निर्णय के विरोध में सोमवार को बीकापुर तहसील सहित पूरे जनपद में स्टांप विक्रेताओं और दस्तावेज लेखकों ने हड़ताल की। स्टांप वेंडर्स एसोसिएशन एवं दस्तावेज लेखक संघ के आह्वान पर हुई इस हड़ताल के चलते तहसील परिसर स्थित स्टांप विंडो पूरी तरह बंद रहीं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
हड़ताल के कारण जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री, बैनामा, शपथपत्र, एफिडेविट तथा अन्य जरूरी दस्तावेजी कार्य पूरे दिन प्रभावित रहे। विभिन्न गांवों और कस्बों से अपने कार्यों के लिए तहसील पहुंचे किसान, व्यापारियों और अन्य नागरिकों को काफी देर इंतजार करने के बाद मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। उपनिबंधक कार्यालय में सामान्य दिनों की अपेक्षा सन्नाटा पसरा रहा और अधिकांश काउंटर बंद दिखाई दिए।
दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं का कहना है कि ई-स्टांप और निजी एजेंसियों के माध्यम से स्टांप बिक्री व्यवस्था लागू किए जाने से प्रदेश भर में वर्षों से इस कार्य से जुड़े हजारों परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा। उनका आरोप है कि सरकार का यह निर्णय छोटे स्टांप विक्रेताओं के हितों के खिलाफ है और इससे उनकी रोजी-रोटी छिन सकती है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या, सर्वर डाउन होने की घटनाएं और तकनीकी खामियां ई-स्टांप व्यवस्था को आम जनता के लिए और अधिक जटिल बना सकती हैं। उन्होंने सरकार से निजीकरण का निर्णय वापस लेकर पुरानी व्यवस्था को यथावत बनाए रखने की मांग की।
विरोध प्रदर्शन में दस्तावेज लेखक राधेश्याम राय, गुरु प्रसाद, पियूष भट्ट, विनय पांडेय, रामस्वरूप मिश्रा, मदन मोहन दुबे, पवन मिश्रा के अलावा अधिवक्ता ईश्वर दयाल निषाद, अमित श्रीवास्तव तथा बड़ी संख्या में अन्य दस्तावेज लेखक और अधिवक्ता शामिल रहे।
निजीकरण के विरोध में बोले स्टाम्प वेंडर, पुरानी व्यवस्था ही रहनी चाहिए लागू, मांगे न पूरी हुई तो जारी रहेगा प्रदर्शन
अयोध्या। स्टाम्प वेंडिंग प्रणाली के निजीकरण करने के सरकार के फैसले के खिलाफ स्टाम्प वेंडर और दस्तावेज लेखक मुखर हो गए। उन्होंने सरकार इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। कचहरी स्थित उपनिबंधक कार्यालय परिसर में वेंडरों और दस्तावेज लेखकों ने विरोध जताया। उनका कहना है कि सरकार की ओर से लिया गया यह निर्णय बेहद गलत है, इसके खिलाफ वे सभी प्रदर्शन करेंगे।
स्टाम्प वेंडर व दस्तावेज लेखकों का कहना है,आज उनकी हड़ताल स्थगित रही। उन्होंने एक सहकर्मी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कार्य से विरत रहे, लेकिन कल मंगलवार से उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उनका कहना है कि स्टॉम्प वेंडर प्रणाली का निजीकरण होने से कई लोगों के सामने रोजी रोटी का संकट आ जाएगा, कई लोग बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने मांग की है कि पहले की जो व्यवस्था थी, उसे यथावत जारी रहने दिया जाए। यदि उनकी मांगे नहीं मानी गई तो उनका विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा।

