
सम्पूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों ने सुनी फरियादियों की समस्याएं, दिए जरूरी निर्देश
अयोध्या। जन समस्याओं के निराकरण में हील हवाली करने वाले अधिकारियों के लिए आज दिन अच्छा नहीं रहा। शनिवार को जनपद की सभी तहसीलों में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस को गंभीरता न लेने वाले अधकारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई। जनपद की सभी तहसीलों में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान शिकायतों के निस्तारण में हीलाहवाली सामने आने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। कई अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए किसी का वेतन रोक दिया गया, जबकि कुछ अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया। वहीं भूमि की पैमाइश न करने तथा शिकायतकर्ता के साथ अभद्र व्यवहार की पुष्टि होने पर एक लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। प्रशासन ने अधिकारियों को जन शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
जनपद में शनिवार को सभी तहसीलों में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में सोहावल तहसील पहुंचे जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी व एसएसपी गौरव ग्रोवर ने आए फरियादियो की समस्याओं को सुना और उसके निस्तरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। समाधान दिवस में राजस्व, पुलिस, विकास, विद्युत, जलापूर्ति, पेंशन, आवास सहित विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत का पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ता की संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन मामलों का निस्तारण मौके पर संभव है, उन्हें तत्काल निपटाया जाए तथा शेष प्रकरणों में निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई करते हुए आख्या प्रस्तुत की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप जनता को त्वरित राहत उपलब्ध कराई जाए। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र भिटौरिया, उप जिलाधिकारी सविता, क्षेत्राधिकारी अरविंद कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
भूमि पैमाइश में हीला हवाली करना पड़ा भारी, लेखपाल निलंबित
ग्राम अभयराज का पुरवा, मौजा अर्थर निवासी सुरेश चन्द्र शर्मा द्वारा नवीन परती भूमि की पैमाइश न किए जाने तथा अभद्र व्यवहार की शिकायत किए जाने पर जिलाधिकारी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित लेखपाल बृजेश कुमार सिंह का उत्तरदायित्व निर्धारित किया। साथ ही इब्राहिमपुर कदई निवासी अमरेश सिंह द्वारा सार्वजनिक भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत को भी संज्ञान में लेते हुए जांच कराई गई। प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर लेखपाल बृजेश कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
कार्य में लापरवाही पर रोक गया वेतन
सीमांकन संबंधी धारा-24 की पत्रावलियों में समय से पैमाइश न करने के कारण राजस्व निरीक्षक मसौधा ध्रुवराज यादव पर कार्रवाई करते हुए उनका माह जून का वेतन अवरुद्ध करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार ग्राम देवराकोट निवासी अनुराग पांडे द्वारा नाम सुधार संबंधी प्रकरण में लेखपाल द्वारा आवश्यक कार्रवाई न किए जाने की शिकायत पर लेखपाल रजनीश के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनका माह जून का वेतन अवरुद्ध किया गया तथा प्रकरण का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित कराया गया।
अनुपस्थित एवं विलंब से पहुंचने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई
संपूर्ण समाधान दिवस जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी धनंजय सिंह का माह जून का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पवन तिवारी एवं अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड एस.पी. भारती के विलंब से उपस्थित होने पर उनसे भी स्पष्टीकरण मांगा गया।
1063 शिकायतों में 94 का हुआ तत्काल निस्तारण
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जनपद की सभी तहसीलों में कुल 1063 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 94 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। तहसील सोहावल में 243 शिकायतों में से 31, बीकापुर में 130 में से 10, मिल्कीपुर में 282 में से 16, रुदौली में 217 में से 17 तथा सदर तहसील में 191 में से 20 शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया गया।

