
जिलाध्यक्ष ने उठाया फॉर्मर रजिस्ट्री में खामियों का मुद्दा
अयोध्या। यूरिया खाद की कालाबाजारी और किसानों के कथित शोषण के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने जिला कृषि अधिकारी कार्यालय पर पंचायत कर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने खाद वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और फार्मर रजिस्ट्री की खामियों को दूर करने की मांग उठाई।
भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने आरोप लगाया कि थोक विक्रेता फुटकर दुकानदारों को ऊंचे दामों पर यूरिया उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे किसानों को महंगी दरों पर खाद खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को फुटकर विक्रेताओं की खरीद दर सार्वजनिक करनी चाहिए ताकि कालाबाजारी पर रोक लग सके और किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद मिल सके।
जिलाध्यक्ष राम गणेश मौर्य ने फार्मर रजिस्ट्री व्यवस्था में आ रही समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई किसानों की अलग-अलग ग्राम सभाओं में भूमि है, जिससे उन्हें खाद लेने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने मांग की कि ऐसे किसानों को खतौनी के आधार पर यूरिया उपलब्ध कराया जाए।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने जिला कृषि अधिकारी के कार्यालय पर मौजूद न रहने पर नाराजगी जताई। किसानों का कहना था कि अधिकारियों से वार्ता न होने के कारण उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो सका।
भाकियू नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। संगठन ने आगामी 1 जून को दोबारा किसान महापंचायत आयोजित करने की घोषणा की है।
