
अयोध्या। स्वच्छता और Door-to-Door कूड़ा उठाने के बड़े-बड़े दावे करने वाला नगर निगम जमीनी हकीकत पर खरा उतरता नजर नहीं आ रहा है। शहर की कई गलियों और मोहल्लों में आज भी कूड़े के ढेर खुलेआम पड़े देखे जा सकते हैं। स्थिति यह है कि कूड़ा उठाने के बजाय कई स्थानों पर सफाई कर्मियों द्वारा उसी कूड़े में आग लगा दी जाती है, जिससे पूरे इलाके में धुएं का गुबार फैल जाता है और वातावरण प्रदूषित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम की ओर से नियमित रूप से Door-to-Door कूड़ा संग्रहण नहीं किया जा रहा है। कई मोहल्लों में वाहन समय से नहीं पहुंचते, जिसके कारण लोग मजबूर होकर सड़कों किनारे और खाली स्थानों पर कूड़ा फेंक देते हैं। बाद में यही कूड़ा जलाया जाता है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को सांस लेने में दिक्कत और दुर्गंध जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
लोगों का आरोप है कि जिन कर्मचारियों की जिम्मेदारी कूड़ा उठाने की है, वही कर्मचारी कूड़े के ढेर में आग लगाकर समस्या को और गंभीर बना रहे हैं। इससे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नागरिकों ने मांग की है कि कूड़ा जलाने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और Door-to-Door कूड़ा उठाने की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या नगर निगम इस लापरवाही पर कार्रवाई करेगा और क्या शहर को धुएं और गंदगी से राहत दिलाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे।

