Ayodhya: खोजे नहीं मिल रहे जिला कारागार से फरार दोनों बंदी, अब फरारी की मजिस्ट्रेट करेंगे जांच

Spread the love

 जिला मजिस्ट्रेट ने सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी जांच, आठ जून तक दर्ज होंगे बयान

अयोध्या। लगभग तीन माह पूर्व जिला कारागार के विशेष सुरक्षा बैरक को तोड़ फरार हुए दोनों विचाराधीन बंदियों का अभी तक कोई सुराग नहीं हासिल हो पाया है। फरारी के इस मामले में जेल प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों का निलंबन हुआ था इनकी गिरफ्तारी के लिए एसओजी सहित पांच टीम लगाई गई थी। कोई सुराग न मिलने एसएसपी ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए सूचना अथवा सुराग देने वाले को 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।

इसी वर्ष 28 जनवरी की रात जिला कारागार के विशेष सुरक्षा बैरक के कक्ष संख्या एक में निरुद्ध बलात्कार और गंभीर आपराधिक मामले का आरोपी अमेठी निवासी गोलू अग्रहरि उर्फ सूरज अग्रहरि पुत्र साधूराम तथा हत्या, गैंगस्टर एक्ट सहित 11 से अधिक गंभीर मामले का आरोपी सुल्तानपुर जनपद निवासी शेर अली पुत्र रफीक अली विशेष सुरक्षा बैरक की ईंट उखाड़ बांस और कंबल की रस्सी के सहारे बाउंड्रीवल पर चढ़कर पोस्टमार्टम हाउस की ओर जंगली इलाके के पेड़ के सहारे फरार हो गए थे।

अगले दिन मामले की जानकारी पर हलचल मच गई थी। प्रकरण में तत्कालीन डिप्टी जेलर ने दोनों के खिलाफ नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी और जेल प्रशासन ने इस गंभीर सुरक्षा चूक के मामले में जेलर और डिप्टी जेलर सहित कई जेल अधिकारियों और कर्मियों को निलंबित कर दिया था। फरार बंदियों की गिरफ्तारी के लिए 12 मार्च को एसएसपी गौरव ग्रोवर ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

अब हुई मजिस्ट्रेटी जांच की घोषणा

जिला कारागार से फरार दोनों बंदियों के मामले में अब जिला मजिस्ट्रेट ने सिटी मजिस्ट्रेट को जांच का आदेश दिया है। जिसके बाद नगर मजिस्ट्रेट संजीव कुमार उपाध्याय ने आम जन से आठ जून तक घटना के संबंध में मौखिक लिखित साक्ष्य अथवा गवाही मांगी है। कहा है कि यदि किसी भी व्यक्ति की ओर से कोई सूचना अथवा गवाही दी जानी है तो वह आठ जून तक पूर्वान्ह 10 बजे से सायं पांच बजे के मध्य किसी भी कार्य दिवस में नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय में उपस्थित होकर मौखिक/लिखित साक्ष्य अथवा गवाही दे सकता है।


Spread the love

Related posts