अयोध्या। पत्रकार कुशल चन्द्र मिश्र से फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने के मामले में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के निर्देश पर गठित जांच समिति ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। सोमवार को जांच समिति के अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया ने पत्रकार कुशल चन्द्र मिश्र का बयान दर्ज किया और उनसे संबंधित साक्ष्य भी एकत्र किए। इस मामले को लेकर जिले के पत्रकारों में नाराजगी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम हाउस निर्माण को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इसी संबंध में 29 अप्रैल को समाचार प्रकाशित करने के उद्देश्य से पत्रकार कुशल चन्द्र मिश्र ने मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. डीके सिंह से फोन पर पक्ष जानना चाहा था। आरोप है कि जानकारी देने के बजाय डॉक्टर ने पत्रकार के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और अपमानजनक व्यवहार किया।
मामले की शिकायत जिलाधिकारी से किए जाने के बाद डीएम ने गंभीरता दिखाते हुए दो सदस्यीय जांच समिति गठित कर जांच के आदेश दिए थे। सोमवार को पत्रकार ने अपना बयान और साक्ष्य जांच टीम के समक्ष प्रस्तुत किए। वहीं आरोपी बनाए गए मीडिया प्रभारी डॉ. डीके सिंह जांच समिति के सामने उपस्थित नहीं हुए। उन्होंने सीएमओ को सूचना नहीं मिलने की बात कही है। इसके बाद सीएमओ ने उन्हें दोबारा नोटिस जारी कर जांच टीम के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक आरोपी डॉक्टर जांच को टालने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही पत्रकार को अधिवक्ता के माध्यम से लीगल नोटिस भेजे जाने की भी चर्चा है। पत्रकार संगठनों ने इस घटना को प्रेस की आवाज दबाने का प्रयास बताते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

