
कंदैला हत्या कांड और जानलेवा हमले में दो और आरोपी गिरफ्तार
अयोध्या। जनपद पुलिस ने पुराकलंदर थाना क्षेत्र के शारदा सहायक नहर के पास हुई हत्या और जानलेवा हमले के मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए प्रतापगढ़ और अमेठी निवासी इन दोनों को हत्या के लिए हायर किया गया था।
प्रकरण में पुलिस ने शुक्रवार को मुख्य आरोपी कंदैला गांव निवासी राजमणि सिंह उर्फ राज सिंह उर्फ भोलू (26) समेत दीपक प्रजापति (24) और मनीष शर्मा (24) को गिरफ्तार किया था। इनके पास से 7.65 बोर की पिस्टल, मैगजीन, चार जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, काले रंग की हुंडई वरना कार और मोबाइल फोन बरामद किया था। साथ ही लापरवाही के आरोप में थाने के मुख्य आरक्षी अशोक सिंह को निलंबित किया था।
मामले में शनिवार को प्रभारी निरीक्षक अश्विनी कुमार पांडेय और सर्विलांस सेल प्रभारी अमरेश त्रिपाठी की संयुक्त टीम ने सचिन उपाध्याय 20 वर्ष निवासी ग्राम घानापुर थाना कोहडौर जनपद प्रतापगढ़ और प्राजंल सिंह 20 वर्ष निवासी ग्राम पीपरपुर थाना पीपरपुर जिला अमेठी को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से एक पिस्टल 0.32 बोर,एक मैगजीन, चार जिन्दा कारतूस बरामद हुआ है।
नहर पर घेरकर किया गया था बम गोली से हमला
मंगलवार 25 अगस्त की शाम क्षेत्र के ही छत्तीरवा बाजार से अपनी बुजुर्ग मां 60 वर्षीय पार्वती देवी को दिखाकर घर वापस लौट रहे 40 वर्षीय रामलगन मौर्य पर वाहन सवार हमलावरों ने पहले ताबड़तोड़ बम से हमला किया था और फिर फायरिंग की थी। गोली लगने से रामलगन गंभीर रूप से घायल हुए थे,जिनको जिला अस्पताल लाए जाने पर डाक्टर ने मृत घोषित किया था। वहीं हमले में गंभीर रूप से घायल उनकी मां का लखनऊ ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है।
आठ को नामजद करते हुए दर्ज कराई गई रिपोर्ट
मामले में आठ आरोपियों को नामजद करते हुए हत्या, जानलेवा हमला समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। प्रकरण में राज मणि सिंह उर्फ राज सिंह उर्फ भोलू पुत्र सूरजभान सिंह, विजय प्रताप सिंह पुत्र रामकृष्ण सिंह, विजयभान सिंह पुत्र जैसराज सिंह, इन्द्रभान सिंह पुत्र हुसराज सिंह, दीपक प्रजापति पुत्र मिठाईलाल और मीरा सिंह पत्नी सूरजभान सिंह के साथ सूरज सिंह तथा बृजेश सिंह को नामजद किया गया था। जबकि अन्य को भी आरोपी बनाया गया था। शनिवार को पकड़े गए प्रतापगढ़ और अमेठी निवासी इन दोनों युवकों का नाम विवेचना और पूर्व में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है।
पुरानी रंजिश में फिर से हुई थी खूनी संघर्ष
जानकारी के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच आबादी की जमीन और रस्ते को लेकर पहले से विवाद चला आ रहा था। पहले भी मारपीट और आगजनी हुई थी और हमले में अब आरोपित किए गए पक्ष के सूरज भान सिंह की इलाज के दौरान मौत हुई थी। इसी रंजिश ने मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया था। प्रकरण में
घटना की गंभीरता को देखते हुए एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार ने घटनास्थल का जायजा लिया था और आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी का निर्देश दिया था।
