
चुनावी सौगात: बुजुर्ग महिलाओं की मुफ्त रोडवेज यात्रा के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी
आधार या वोटर आईडी से उम्र का सत्यापन, ई-टिकटिंग मशीन से बनेगा ‘जीरो वैल्यू’ टिकट; महिला यात्री से किराया वसूलने पर रोक
अयोध्या। प्रदेश सरकार की ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृ शक्ति यात्रा योजना’ को धरातल पर उतारने के के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया है। योजना के तहत प्रदेश की 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा का प्राविधान किया गया है। इस संबंध में परिवहन निगम ने पात्र महिलाओं को साधारण बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने के साथ टिकटिंग, पहचान सत्यापन, डेटा संधारण, प्रतिपूर्ति और निगरानी की पूरी व्यवस्था तय की है।
यूपीएसआरटीसी की ओर से जारी पत्रांक 288/सीपीसी/2026-1085 सीपीसी/2017 में उत्तर प्रदेश शासन के परिवहन अनुभाग-2 के 27 अगस्त 2026 के शासनादेश का हवाला देते हुए सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों, सेवा प्रबंधकों तथा सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को योजना का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
60 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी महिलाएं होंगी पात्र
यूपीएसआरटीसी से जारी दिशा-निर्देश के मुताबिक उत्तर प्रदेश की 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की साधारण बसों में निःशुल्क यात्रा के लिए पात्र होंगी। महिला यात्री की उम्र का निर्धारण उसके आधार कार्ड अथवा वोटर आईडी कार्ड में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर किया जाएगा। योजना का लाभ हासिल करने के लिए फिलहाल यात्रा के दौरान महिला यात्री को अपना आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड उपलब्ध कराना होगा। इससे परिचालक महिला की उम्र का सत्यापन कर सकेगा।
ई-टिकटिंग मशीन से बनेगा जीरो वैल्यू टिकट
योजना के क्रियान्वयन में सबसे अहम व्यवस्था टिकट को लेकर की गई है। दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि परिचालक आधार कार्ड अथवा वोटर आईडी में दर्ज उम्र का मिलान ईटीएम (Electronic Ticketing Machine) से करेगा और पात्र महिला यात्री के लिए शून्य मूल्य यानी Zero Value टिकट जारी करेगा। टिकट में बस संख्या, महिला यात्री का नाम, आधार संख्या, जन्मतिथि, यात्रा का विवरण, तारीख और धनराशि जैसे विवरण दर्ज किए जाएंगे। यात्रा के प्रारंभिक और गंतव्य स्थान का विवरण भी टिकट में दर्ज करना होगा।
भविष्य में स्मार्ट कार्ड जारी किए जाने की योजना
योजना के लाभार्थियों के लिए स्मार्ट कार्ड जारी किए जाने की व्यवस्था भी की गई है। हालांकि स्मार्ट कार्ड से संबंधित विस्तृत प्रक्रिया अलग से जारी किए जाने की बात दिशा-निर्देशों में कही गई है। योजना के व्यापक क्रियान्वयन के बाद स्मार्ट कार्ड के माध्यम से लाभार्थी महिलाओं की पहचान और यात्रा संबंधी रिकॉर्ड को अधिक व्यवस्थित किए जाने की संभावना है।
निगम के साथ अनुबंधित बसों में मिलेगी सुविधा
दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि निःशुल्क यात्रा सुविधा परिवहन निगम तथा अनुबंधित दोनों प्रकार की बसों की साधारण बसों में अनुमन्य होगी। हालांकि वातानुकूलित रोडवेज की बसों में यात्रा के लिए यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। परिवहन निगम की ओर से जनरथ के तहत वातानुकूलित बसों का संचालन किया जा रहा है।
किराया मांगने पर होगी कार्रवाई
निगम ने परिचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी पात्र महिला यात्री से मुफ्त यात्रा के लिए किराये की मांग अथवा वसूली नहीं की जाएगी। योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मशीन खराब होने पर वैकल्पिक व्यवस्था
यदि किसी परिस्थिति में ईटीएम मशीन से शून्य मूल्य का टिकट जारी नहीं हो पाता है तो दिशा-निर्देशों में मैनुअल टिकट जारी करने की वैकल्पिक व्यवस्था भी रखी गई है। इसके लिए संबंधित डिपो प्रभारी अथवा केंद्र प्रभारी से अनुमति लेने तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार टिकट जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रत्येक मुफ्त यात्रा का रखा जाएगा रिकॉर्ड
योजना के तहत होने वाली प्रत्येक निःशुल्क यात्रा का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया गया है। ईटीएम के माध्यम से जारी टिकटों का विवरण MIS/लोड आधारित डेटा सर्वर पर उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि योजना के तहत हुई यात्राओं का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार रहे।
निगम ने क्षेत्रीय और डिपो स्तर पर यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई भी महिला बिना उचित आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड/निर्धारित प्रक्रिया के मुफ्त यात्रा का लाभ न ले सके। प्राप्त यात्रा डेटा की नियमित जांच और अनुश्रवण भी किया जाएगा।
सरकार करेगी निगम को प्रतिपूर्ति
निःशुल्क यात्रा से होने वाले राजस्व के नुकसान की भरपाई के लिए प्रतिपूर्ति व्यवस्था भी दिशा-निर्देशों में निर्धारित की गई है। निगम प्रत्येक माह वास्तविक मुफ्त यात्राओं और उनसे संबंधित व्यय एवं उपभोग का सत्यापित विवरण शासन को उपलब्ध कराएगा। इसके आधार पर राज्य सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराई जाएगी।
अनुबंधित बसों के मामले में बस स्वामियों को भुगतान की गणना करते समय पात्र 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं की यात्रा से संबंधित नोटेशनल income को भी गणना में शामिल करने की व्यवस्था बताई गई है।
हर माह मांगा जाएगा यात्रा का आंकड़ा
निगम ने क्षेत्रीय प्रबंधकों को अपने क्षेत्र से संबंधित मुफ्त यात्राओं का ईटीएम डेटा, MIS विवरण और अन्य अभिलेख सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। मुफ्त यात्रा का वास्तविक एवं प्रमाणित विवरण निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके लिए डिपो और क्षेत्र स्तर पर डेटा संधारण की जिम्मेदारी तय की गई है।
बस स्टेशनों पर योजना का प्रचार-प्रसार का निर्देश
योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक पहुंचाने के लिए प्रमुख बस स्टेशनों और डिपो पर आवश्यक सूचना एवं दिशा-निर्देश प्रदर्शित करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य पात्र महिलाओं को योजना की सुविधा, पहचान संबंधी दस्तावेज और यात्रा की प्रक्रिया की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना है।
शिकायतों पर भी होगी निगरानी
योजना के क्रियान्वयन के दौरान मिलने वाली शिकायतों का क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा नियमित अनुश्रवण किया जाएगा। यदि किसी पात्र महिला से अनधिकृत रूप से किराया वसूलने या योजना के प्रावधानों के विपरीत कार्य करने की शिकायत मिलती है तो तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
योजना का उद्देश्य
60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की यह पहल बुजुर्ग महिलाओं की आवागमन लागत कम करने, उनकी स्वतंत्र आवाजाही बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हालिया सरकारी घोषणा के अनुसार योजना का लाभ प्रदेश की बड़ी संख्या में वरिष्ठ महिलाओं को मिलने की उम्मीद है।
