
Crime News : छावनी परिषद में तैनात सहायक सफाई निरीक्षक की ओर से सुविधा शुल्क मांगने का था आरोप
अयोध्या। डोगरा रेजीमेंटल सेंटर की जन व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने का जिम्मा उठाने वाली छावनी परिषद (कैंटोनमेंट बोर्ड) में गड़बड़झाला थमने का नाम नहीं ले रहा है। छावनी परिषद के ठेकों और कार्य में घूसखोरी की सीबीआई जांच चल रही है और कई बार छापा भी पड़ चुका है। बावजूद इसके घूसखोरी बंद होने का नाम नहीं ले रही। सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की भर्ती के मामले में सुविधा शुल्क लेते
सहायक सफाई निरिक्षक को गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए उसे अपने साथ लखनऊ मुख्यालय लेकर रवाना हुई है।
बताया गया कि छावनी परिषद में आउटसोर्स के आधार कर्मचारियों की भर्ती की जानी है। इसके लिए छावनी परिषद में तैनात सहायक सफाई निरीक्षक की ओर से सुविधा शुल्क की मांग की जा रही थी। आरोप है कि भर्ती के लिए प्रति कर्मचारी 12 हजार रुपए की डिमांड की गई थी।
सभासद ने की थी मामले की शिकायत
प्रकरण में छावनी परिषद के लाल कुर्ती के सभासद बिनीश कुमार ने सीबीआई एंटी करप्शन टीम से लिखित शिकायत की थी। शिकायत पर एंटी करप्शन की टीम ने जाल बिछाया और मामले की प्राथमिक जांच पड़ताल के बाद जिला कारागार के पीछे से सहायक सफाई निरीक्षक जितेंद्र सिंह को 60 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में पकड़े गए सफाई निरीक्षक की कार से एक लाख रुपए और आउटसोर्स कर्मचारियों की सूची बरामद हुई है।
पहले चार बार एंटी करप्शन टीम कर चुकी है पड़ताल
केंद्र सरकार के अधीन संचालित छावनी परिषद में काफी दिनों से वित्तीय अनियमितता तथा घूसखोरी की शिकायत चर्चा में रही है। पूर्व में छावनी परिषद के सभासदों और अन्य स्थानीय निवासियों की शिकायत पर सीबीआई लखनऊ मुख्यालय की एंटी करप्शन टीम चार बार छावनी परिषद कार्यालय में छापेमारी कर चुकी है। एंटी करप्शन टीम ने पूर्व में कई घंटों तक छावनी परिषद कार्यालय को अपने कब्जे में लेकर घंटों जांच पड़ताल की थी।
