
सीएम डैशबोर्ड समीक्षा में कमिश्नर सख्त, चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग निर्माण में देरी पर जताई नाराजगी
चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग निर्माण में देरी पर नाराजगी, जल जीवन मिशन से लेकर राजस्व, पर्यटन व कृषि योजनाओं की हुई समीक्षा
अयोध्या। मंडलायुक्त राजेश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को आयुक्त सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के अंतर्गत संचालित विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस उपमहानिरीक्षक सोमेन बर्मा, जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर, अपर आयुक्त अजयकांत सैनी सहित मंडल के सभी जिलों के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।
बैठक में मंडलायुक्त ने चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग पर कार्यदायी संस्था द्वारा समय से कार्य पूरा न किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि एक माह के भीतर कार्यदायी संस्थाओं से गुणवत्ता प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जाए तथा कार्यरत कर्मचारियों का मानदेय समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। जननी सुरक्षा योजना में अयोध्या की दूसरी रैंकिंग पर संतोष व्यक्त करते हुए लाभार्थियों को समयबद्ध भुगतान के निर्देश दिए। फैमिली आईडी योजना में अयोध्या और अमेठी के बेहतर प्रदर्शन की सराहना करते हुए अन्य जिलों को भी रैंकिंग सुधारने के लिए कहा गया।
पर्यटन विभाग की समीक्षा में सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर और रायबरेली मार्ग पर बन रहे प्रवेश द्वारों का निर्माण शीघ्र पूरा कराने तथा भूमि विवाद वाले मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नई सड़क परियोजनाओं, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, आईसीडीएस एवं पोषण मिशन की भी समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर जोर दिया गया।सीएमआईएस के अंतर्गत निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने, कार्यदायी संस्थाओं के साथ अलग बैठक आयोजित कर लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश भी दिए गए।
कृषि विभाग की समीक्षा में बाराबंकी की बाढ़ स्थिति की जानकारी लेते हुए खाद की उपलब्धता, चिकित्सा सुविधाओं, फार्मर रजिस्ट्री, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीएम कुसुम योजना और कृषि यंत्र बुकिंग की प्रगति की समीक्षा की गई।
मंडलायुक्त ने एआर कोऑपरेटिव को निर्देश दिए कि किसी भी सहकारी केंद्र पर खाद की उपलब्धता शून्य नहीं होनी चाहिए। वहीं मत्स्य विभाग को मुख्यमंत्री मत्स्य पालन योजना के तहत अधिक से अधिक तालाब आवंटित कर ग्रामीणों की आजीविका मजबूत करने के निर्देश दिए। निराश्रित गोवंश संरक्षण की समीक्षा में उन्होंने प्रत्येक जिले में वृहद गौशालाओं की स्थापना का प्रस्ताव शासन को भेजने, गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने, चरागाह विकसित करने तथा गोवंशों की समयबद्ध ईयर टैगिंग और एफएमडी टीकाकरण सुनिश्चित करने को कहा। पशुपालकों को पशु बीमा के प्रति जागरूक करने पर भी विशेष बल दिया गया।
बैठक में डिजिटल लाइब्रेरी, स्वच्छ भारत मिशन, जीरो पॉवर्टी अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना तथा पंचायत सहायकों के रिक्त पदों की भर्ती की भी समीक्षा की गई। आशा कार्यकर्ताओं के शत-प्रतिशत भुगतान पर संतोष व्यक्त करते हुए अमेठी और सुल्तानपुर में हेलीपैड निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए।
राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को राजस्व अभिलेख अद्यतन रखने, ई-फाइल प्रणाली को बढ़ावा देने तथा आईजीआरएस की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। बारिश के मौसम को देखते हुए उन्होंने सभी प्रमुख एवं संपर्क मार्गों को गड्ढामुक्त रखने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक के अंत में यूनिसेफ एवं यूएनडीपी के सहयोग से संचालित बाल स्वास्थ्य कार्यक्रमों की अलग से समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने शत-प्रतिशत बच्चों का समय पर टीकाकरण कराने तथा उससे संबंधित सभी सूचनाएं पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए।
