मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना: समाज को दिशा देने में शिक्षक की अहम् भूमिका : योगी आदित्यनाथ

Spread the love

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना: समाज को दिशा देने में शिक्षक की अहम् भूमिका : योगी आदित्यनाथ

आगरा में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ पर बोले मुख्यमंत्री 

कहा-शिक्षक केवल पढ़ाने तक सीमित न रहें बल्कि छात्रों के लिए प्रेरणा बनें

आगरा।  भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान हमेशा सर्वोच्च रहा है,  चाहे गुरुकुल परंपरा रही हो या आधुनिक शिक्षा व्यवस्था। शिक्षक समाज को दिशा देने का  महत्वपूर्ण कड़ी रहे हैं। यह बातें प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आगरा में आयोजित उच्च शिक्षा विभाग की मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ पर कही। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में कोई न कोई प्रतिभा होती है, लेकिन उसे पहचानने और विकसित करने का कार्य शिक्षक ही कर सकता है यही कारण है कि भारतीय परंपरा में गुरु को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।

 इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और उच्च शिक्षण संस्थानों से राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की साह ही उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाने तक सीमित न रहें बल्कि छात्रों के लिए प्रेरणा बनें। ऐसा करने पर वर्तमान और आने वाली पीढ़ियां उन्हें सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद रखेंगी।

उन्होंने कहा की यदि समाज में नकारात्मकता बढ़ती है और समाज अपने ही हितों को नुकसान पहुंचाने लगता है तो शिक्षकों को विद्यार्थियों में सही सोच, जागरूकता और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करनी चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से अपील किया है कि वे सभी राष्ट्रनिर्माण और सकारात्मक विचारों के केंद्र बनें। विश्वविद्यालयों के प्रकाशन केंद्रों में समाज की उपलब्धियों, सताओं और प्रेरणादायक उदाहरणों को स्थान दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने शिक्षा को रोचक और प्रभावी बनाने पर भी जोर देते हुए कहा कि यदि कक्षाएं नीरस हो जाएं तो विद्यार्थियों की रुचि कम हो जाती है।

इसलिए हर शिक्षक को विद्यार्थियों के दृष्टिकोण से भी स्वयं का मूल्यांकन करना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिकता के इस दौर में बड़ी संख्या में युवा स्मार्टफोन के जरिए जानकारी प्राप्त करते हैं और कई बार बिना सत्यापन के सोशल मीडिया की बातों को सही मान बैठते हैं। ऐसे में शिक्षकों को विद्यार्थियों में तथ्य और अफवाह के बीच अंतर समझाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।


Spread the love

Related posts