
जमीनी विवाद में हत्या: बीच-बचाव करने गए पिता की हत्या, दो घायल, 8 नामजद सहित अन्य के खिलाफ तहरीर
बीकापुर, अयोध्या। जनपद के हैदरगंज थाना क्षेत्र स्थित कुआडाड़ (गोविंदपुर माफी) गांव में दो भाइयों के बीच चल रहे जमीनी विवाद में बुधवार की रात को दो पक्षों में संघर्ष हुआ। हिंसक संघर्ष में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। जबकि घायलों को जिला अस्पताल और दर्शननगर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। आक्रोशित परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाने से इंकार कर दिया और चार घंटे प्रदर्शन किया। पुलिस ने समझा बुझाकर मामला शांत कराया है और आठ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कुछ को हिरासत में लिया है। मौके की नजाकत को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है।
बताया गया कि रात लगभग नौ बजे गांव के राजकुमार और राम अनुज के बीच पुरानी जमीनी रंजिश को लेकर कहासुनी शुरू हुई। जो आधे घंटे में ही खूनी संघर्ष में बदल गई। दोनों पक्षों से उनके परिवार के लोग लाठी डंडा और धारदार हथियार लेकर संघर्ष में शामिल हो गए। राजकुमार अपनी जान बचाने के लिए अपने चचेरे बड़े भाई चैतू राम निषाद के पास पहुंचा, तो चैतू राम ने मामले को शांत कराने और बीच-बचाव करने का प्रयास किया। इसी दौरान दूसरे पक्ष ने उन पर लाठी-डंडों, कुल्हाड़ी और धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
बीच-बचाव करने पहुंचे 63 वर्षीय बुजुर्ग चैतू राम निषाद की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मध्य रात्रि बाद उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया तो इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
वहीं हमले में मृतक के बेटे बालगोविंद उर्फ बालक राम के साथ राजकुमार, खुशीराम और रविंद्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं । जिम्में बाल गोविंद को जिला और अन्य को दर्शननगर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
आठ के खिलाफ रिपोर्ट, एसपी देहात ने किया मौका मुआयना
प्रकरण में पुलिस ने मृतक के बेटे बालगोविंद की तहरीर पर राम अनुज, मानिकराम, बाबूराम, हरेंद्र, श्यामलाल, रामू, रामकेश और जगन्नाथ समेत आठ लोगों को नामजद करते हुए हत्या और मारपीट की धारा में रिपोर्ट दर्ज की है। गांव में तनाव व्याप्त हो गया, जिसके चलते एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी और क्षेत्राधिकारी बीकापुर ने घटनास्थल का मुआयना किया है।
हत्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से रोक दिया और करीब साढ़े चार घंटे तक मौके पर हंगामा किया। प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार ने समझा बुझा मामला शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया।
मामले में परिवार ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि संघर्ष की सूचना पर डायल 112 का पीआरवी दस्ता मौके पर पहुंचा, लेकिन विवाद बढ़ता देख वहां से भाग गई। एसपी देहात बलवंत चौधरी ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई कराई जा रही है।

