
Political News: बीकापुर की राजनीति में बड़ा उलटफेर, पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बब्लू की BSP में वापसी, 2027 के समीकरण बदले
बीकापुर। बीकापुर विधानसभा क्षेत्र की सियासत में मंगलवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बब्लू ने एक बार फिर बहुजन समाज पार्टी का दामन थाम लिया। उनकी इस वापसी से बीकापुर ही नहीं, पूरे अयोध्या जनपद की चुनावी राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है।
पूर्व विधायक के निजी सचिव शुभम ओझा ब्राह्मवंशी के अनुसार, जितेंद्र सिंह बब्लू ने लखनऊ में पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती से मुलाकात की। पार्टी नेतृत्व और वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में उन्होंने औपचारिक रूप से BSP की सदस्यता ग्रहण की।
2027 से पहले BSP का मास्टर स्ट्रोक
जितेंद्र सिंह बब्लू बीकापुर की राजनीति में लंबे समय से प्रभावशाली चेहरा रहे हैं। जमीन से जुड़ी सक्रियता और ठोस जनाधार के कारण उनकी गिनती क्षेत्र के कद्दावर नेताओं में होती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बब्लू की घर वापसी BSP के लिए एक बड़ा सियासी दांव साबित हो सकती है।
बसपा नेताओं का कहना है कि बब्लू के आने से पार्टी का संगठनात्मक ढांचा बीकापुर में मजबूत होगा। वहीं स्थानीय कार्यकर्ताओं में भी उनकी वापसी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। कार्यकर्ताओं ने इसे संगठन को धार देने वाला कदम बताया।
बदलेंगे चुनावी समीकरण
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, बब्लू की वापसी का सीधा असर बीकापुर सीट के जातीय और सामाजिक समीकरणों पर पड़ेगा। उनके साथ आने वाले समर्थकों का वोट बैंक अन्य दलों के गणित को बिगाड़ सकता है। इस घटनाक्रम के बाद अन्य राजनीतिक दलों के खेमे में भी बेचैनी बढ़ गई है और मंथन शुरू हो गया है।
स्थानीय स्तर पर समर्थकों में जश्न का माहौल है। क्षेत्र में पोस्टर-बैनर लगने शुरू हो गए हैं। सियासी गलियारों में अब चर्चा है कि 2027 में बीकापुर सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय और ज्यादा रोचक हो जाएगा।
बब्लू की BSP में वापसी ने साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में बीकापुर की राजनीति नया मोड़ लेगी। अब सबकी निगाहें बसपा की आगामी रणनीति, टिकट वितरण और क्षेत्र में होने वाली राजनीतिक गतिविधियों पर टिकी हैं।

