
संदिग्ध मौत की होगी जांच: एक माह बाद कब्र से निकाला गया किशोरी का शव
बीकापुर, अयोध्या। कोतवाली बीकापुर क्षेत्र से विचलित करने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहां करीब एक महीने पहले संदिग्ध परिस्थितियों में दफन की गई एक 13 वर्षीय किशोरी के शव को कब्र से बाहर निकाला गया है। भारी पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में वीडियोग्राफी के साथ कब्र की खुदाई कर फॉरेंसिक टीम ने शव को कब्जे में लिया।
जानकारी के अनुसार प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई व डीएम के कड़े और विशेष आदेश पर शुक्रवार की सुबह खजुरहट के भदेसर गांव में किशोरी की मौत की गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने कब्र खोद शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। मृतका के पिता द्वारा अपनी सगी बेटी की मौत को लेकर लगातार जताए जा रहे गहरे अंदेशे और प्रशासनिक स्तर पर की गई भागदौड़ के बाद इस पूरे मामले ने अब एक नया और बेहद गंभीर कानूनी मोड़ ले लिया है।
इस रहस्यमयी और संवेदनशील मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो मृतका के लाचार पिता निरंजन ने अपनी पुत्री की असमय मौत को पूरी तरह से संदेहास्पद बताते हुए स्थानीय बीकापुर कोतवाली से लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक और जिलाधिकारी तक न्याय की गुहार लगाई थी।
पीड़ित पिता ने लिखित शिकायत में बेहद संगीन और चौंकाने वाले आरोप लगाते हुए कहा था कि बीते 6 मई को जब उनकी 13 वर्षीय मासूम बेटी की संदेहास्पद हालातों में मौत हुई, तो पड़ोस के कुछ रसूखदार लोगों ने परिवार को विश्वास में लिए बिना और स्थानीय पुलिस प्रशासन को किसी भी प्रकार की सूचना दिए बगैर आनन-फानन में शव को जमीन में दफनाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया था। पिता की इस गुहार और मामले की संवेदनशीलता को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने मामले की न्यायिक व निष्पक्ष जांच के लिए शव को कब्र से बाहर निकालने की विधिक अनुमति प्रदान की।

शुक्रवार की सुबह इस प्रशासनिक आदेश के अनुपालन में भदेसर गांव के कब्रिस्तान में भारी पुलिस बल, स्वास्थ्य विभाग की विशेष मेडिकल टीम और तहसील प्रशासन के आला अधिकारियों का जमावड़ा लग गया। मजिस्ट्रेट की देखरेख में विधिक सुरक्षा व्यवस्था के बीच और पारदर्शी कानूनी साक्ष्य के लिए संपूर्ण प्रक्रिया की बाकायदा वीडियोग्राफी कराते हुए किशोरी के शव को कब्र से खोदकर बाहर निकाला गया।
इस दौरान मौके पर मौजूद फोरेंसिक लेबोरेटरी की टीम ने घटनास्थल और शव के आसपास से जरूरी वैज्ञानिक साक्ष्य और नमूने एकत्र किए, ताकि मौत के वास्तविक समय और परिस्थितियों का सटीक वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा सके। इस बड़ी विधिक कार्रवाई को देखने के लिए स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ भी मौके पर एकत्र हो गई थी।
इस पूरे घटनाक्रम और चल रही विधिक कार्रवाई के संबंध मे बीकापुर की उपजिलाधिकारी श्रेया ने बताया कि पीड़ित पिता के शिकायती पत्र और जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के विधिक निर्देशों के क्रम में ही इस शवोउत्खनन की प्रक्रिया को पूरी कराया गया है।
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि मृतका के शव को डॉक्टरों के एक विशेष पैनल द्वारा किए जाने वाले पोस्टमार्टम और गहन फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित भेज दिया गया है। एसडीएम ने आश्वस्त किया कि जैसे ही डॉक्टरों के पैनल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक लैब की विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को प्राप्त होगी, मौत के असली और वास्तविक कारणों का पूरी तरह से पर्दाफाश हो जाएगा और उसी के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

