
धरना देते पार्षद
स्वच्छ भारत मिशन: अयोध्या, नगर निगम की डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था को लेकर विवाद गहरा गया है। व्यवस्था में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कई पार्षदों ने नगर निगम के जोनल कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। धरने में अशोक सिंघल नगर वार्ड के पार्षद अंकित त्रिपाठी भी शामिल रहे।
पार्षदों ने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट किए जाने की मांग की। उनका आरोप है कि सफाई कर्मचारी महीने में करीब 10 दिन धरने पर रहते हैं, जिससे कूड़ा संग्रहण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कई क्षेत्रों में कूड़ा संग्रहण के ठेले और डस्टबिन क्षतिग्रस्त पड़े हैं, जबकि उनकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है।
पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर निगम की स्वीपिंग मशीनें लंबे समय से बंद हैं, इसके बावजूद संबंधित फर्म को भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रामपथ पर 15 किलोमीटर मार्ग की सफाई के स्थान पर 28 किलोमीटर सफाई दर्शाकर भुगतान लिया जा रहा है।
पार्षदों का कहना है कि स्वच्छ भारत मिशन के मानकों के अनुसार रामपथ की सफाई व्यवस्था के लिए करीब 50 सफाई कर्मचारियों की आवश्यकता है, लेकिन पर्याप्त संख्या में कर्मचारी तैनात नहीं किए गए हैं। इससे सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
धरनारत पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो नगर निगम मुख्यालय पर तालाबंदी कर बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उधर, नगर निगम प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

