सांकेतिक फोटो
अयोध्या। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सुरेंद्र मोहन सहाय की अदालत ने मंगलवार को मुख्य आरक्षी पर हमला कर उसको बेहोश करने के मामले में मुख्य आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। पूर्व में एक सह आरोपी की अग्रिम जमानत निरस्त हो चुकी है।
लोक अभियोजक ज्ञानेश चंद्र पांडेय और रोहित पांडेय ने बताया कि इसी वर्ष 22 फरवरी को हेलो जॉन सुरक्षा ड्यूटी में तैनात मुख्य आरक्षी तरुण कुमार पर हमला हुआ था। अयोध्या कोतवाली क्षेत्र में छोटी देवकाली के बगल एक चाय की दुकान पर मामूली बात को लेकर साधु वेशधारी प्रबल दास से विवाद के बाद बिना नंबर की स्कॉर्पियो से पहुंचे लोगों ने उसे पर हमला किया था। बेहोशी की हालत में पुलिस ने मुख्य आरक्षी को श्री राम अस्पताल में भर्ती कराया था और पीड़ित की शिकायत पर प्रबल दास को नामजद करते हुए पांच सात अन्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट पंजीकृत की थी।
मामले में मुख्य आरोपी सानिध्य तिवारी उर्फ प्रबल दास पुत्र सुभाष चंद्र तिवारी चेला अजीत दास निवासी विष्णुपुर खुर्द थाना रानीगंज जिला प्रतापगढ़ हाल पता रामायणी जी की कुटिया मणि पर्वत कोतवाली अयोध्या की अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी। अदालत में गवाहों के बयान और आरोपी की भूमिका तथा अभियोजन के विरोध के कारण मुख्य आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। रामपथ पर हुए इस वारदात में आरोपियों पर लोक सेवक पर हमला, बलवा, सरकारी कार्य में बाधा समेत अन्य आरोप लगा था। प्रकरण में अदालत पहले ही एक अन्य सह आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर चुकी है।

