हौसले को सलाम: 60 दिन…. 5 घंटे…. और सात युवाओं की मेहनत ने कायम की मिसाल

हौसले को सलाम: अस्तित्व बचाने के लिए लड़ रही पौराणिक मनोरमा नदी को पुनर्जीवित कर रचा इतिहास 300 मीटर तक नदी की सफाई में निकला 700 किलो कचरा एक वीडियो के जरिए इंस्टाग्राम पर 65 हजार, फेसबुक पर 50 हजार व यूट्यूब पर 10 से 20 हजार लोग अभियान से जुड़े बस्ती। ‘ मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंजिल, लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया…. सुप्रसिद्ध शायर मजरूह सुल्तानपुरी की ये पंक्तियां, जनपद के उन युवाओं पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं, जिन्होंने बिना किसी सहायता के पर्यावरण संरक्षण को…

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