किसान दिवस में उठा यूरिया कालाबाजारी और टैगिंग का मुद्दा, किसानों ने जताई नाराजगी

Spread the love

अयोध्या। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। माह के तीसरे बुधवार को होने वाले किसान दिवस की तिथि पर 20 मई को खरीफ गोष्ठी प्रस्तावित होने के कारण यह बैठक मंगलवार को आयोजित की गई। बैठक में भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और किसानों ने विभिन्न समस्याएं उठाईं, जिनके समाधान के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
किसान दिवस में पिछले माह की समस्याओं पर प्राप्त अनुपालन आख्या की बिंदुवार समीक्षा की गई तथा नई समस्याओं पर चर्चा हुई। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने यूरिया खाद की कालाबाजारी और टैगिंग का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि थोक व्यापारियों द्वारा फुटकर विक्रेताओं को जबरन टैगिंग कर खाद दी जा रही है, जिससे किसानों को महंगे दामों पर यूरिया खरीदनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि फुटकर व्यापारियों के अनुसार एक बोरी यूरिया 280 रुपये में मिलती है, जिस पर 20 रुपये भाड़ा और आठ रुपये पल्लेदारी जोड़ने पर लागत 308 रुपये पड़ती है।
ऐसी स्थिति में 267 रुपये प्रति बोरी की निर्धारित दर पर बिक्री संभव नहीं है। उन्होंने मांग की कि जिस दर पर साधन सहकारी समितियों को यूरिया उपलब्ध कराई जाती है, उसी दर पर फुटकर दुकानों तक भी खाद पहुंचाई जाए।घनश्याम वर्मा ने फार्मर रजिस्ट्री में आ रही दिक्कतों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कई ग्राम सभाओं में भूमि होने पर केवल एक ग्राम सभा की भूमि दर्ज हो रही है तथा सह खातेदारों में केवल एक व्यक्ति की ही रजिस्ट्री हो पा रही है।
इस पर जिलाधिकारी ने बताया कि समस्या से शासन को अवगत करा दिया गया है और शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।बैठक में किसानों ने विद्युत आपूर्ति, नहरों की सफाई, यश पेपर मिल द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण, तालाबों में पानी भराने, साधन सहकारी समिति टिकरी तारुन में घटिया निर्माण, गैस आपूर्ति, स्मार्ट मीटर हटाने, आंधी में टूटे खंभों और तारों की मरम्मत, छुट्टा जानवरों और नीलगायों से फसलों की सुरक्षा समेत कई समस्याएं उठाईं।
जिलाधिकारी ने सभी मामलों में संबंधित विभागों को गुणवत्ता पूर्ण समाधान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।किसान नेता फरीद अहमद ने सुचितागंज-मसौधा मार्ग निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त नहर पुलिया की मरम्मत तथा सोहावल तहसील परिसर में करोड़ों की लागत से बनी पानी की टंकी की जांच की मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी को एक सप्ताह के भीतर पुलिया की मरम्मत कर आवागमन सुचारु कराने का निर्देश दिया।

Spread the love

Related posts