पितृपक्ष 2026: जानिए, कहां किया था श्रीराम ने पिता दशरथ का पहला पिंडदान, क्यों पितृपक्ष में उमड़ा जनसैलाब…. ?

Spread the love

पितृपक्ष 2026: भरतकुंड बना पितृपक्ष में आस्था का केंद्र, श्रीराम से जुड़ी है पिंडदान की प्राचीन परंपरा

बीकापुर, अयोध्या। पितृपक्ष शुरू होते ही रामनगरी अयोध्या से करीब 16 किमी दूर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के अनुज योगिराज भरत की तपोभूमि भरतकुंड में पिंडदान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है।

यही वह स्थान है जहाँ भगवान राम के वनवास के दौरान भरत ने खड़ाऊं रखकर 14 वर्ष तक तप किया था। यही वह स्थल है जो वनवास से लौटे राम और भरत के मिलन का साक्षी रहा है। इतना ही नहीं प्रभु राम ने अपने पिता राजा दशरथ का पिंडदान भी यहीं किया था। इसी कारण पितृपक्ष में यहां आने वाले श्रद्धालु सबसे पहले संतति कर्तिक ड्योढ़ी स्थित चौकी वेदी पर पहला पिंडदान करते हैं, उसके बाद अन्य वेदियों पर जाते हैं।

मान्यता है कि पिंडदान करने भगवान राम यहां पहुंचे थे, जिसके लिए हनुमान जी को गया जाकर वहां की 16 वेदियों को लाने के लिए कहा गया था। उसके बाद गंगापुर की काफी अनुनय-विनय के बाद 15 वेदियों को वापस लौटा दिया गया लेकिन एक वेदी यहीं नंदीग्राम भरतकुंड में मौजूद स्थापित कर दी गई। तभी से यहां पिंडदान की परंपरा चली आ रही है। मान्यता यह भी है कि भरतकुंड में किया गया पिंडदान गया तीर्थ के समान फलदायी है। यही वजह है कि पितृपक्ष में भरतकुंड आस्था का केंद्र बन जाता है। इसीलिए इसे मिनी गया का दर्जा दिया जाता है।

जानिए क्या है जटाकुंड का महत्व 

भरतकुंड के समीप ही जटाकुंड भी है। मान्यता है कि यहीं पर भगवान राम ने अपनी जटा उतरवाई थी। इसके अलावा मानस तीर्थ है। पिशाच योनि से मुक्ति दिलाने वाला पिशाच मोचन कुंड भी यहीं है। यहां वह कूप भी है जिसमें 27 तीर्थों का जल है। 45 बीघे में फैला सरोवर है। भगवान विष्णु के बाएं पांव का निशान गया में है तो दाहिने पांव का चिह्न यहीं है।

पिंडदान करने आए श्रद्धालुओं के लिए नहीं है सुविधा

देश भर से लाखों श्रद्धालु अपने पितरों का पिंडदान करने पहुंचते हैं, लेकिन उनके रुकने-बैठने और बरसात में सिर छिपाने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। महिलाओं को कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम, टीन शेड आदि के लिए भी परेशानी उठानी पड़ती है।

नगर पंचायत द्वारा किया गया इंतजाम

नगर पंचायत भरतकुंड-भदरसा के चेयरमैन मोहम्मद राशिद के आदेश पर अधिशासी अधिकारी विनय द्विवेदी ने बताया कि भरतकुंड सरोवर के पास यात्रियों की सुविधा के लिए प्रतिदिन दो से तीन टैंकर स्वच्छ पानी, अलग से सफाई कर्मचारियों, मोबाइल टॉयलेट और प्रकाश व्यवस्था का इंतजाम किया गया है। खराब मौसम को देखते हुए अन्य व्यवस्थाएं भी की गई हैं। उन्होंने बताया कि कई अन्य सुविधाओं के लिए प्रस्ताव किया गया है, शीघ्र ही यहां अन्य सुविधाएं और बढ़ाई जाएंगी।


Spread the love

Related posts