शिक्षक विधान परिषद चुनाव: सपा ने हमेशा शिक्षकों शिक्षा व्यवस्था और शिक्षण संस्थानों के हित मे जन कल्याणकारी कार्य किया-छोटेलाल यादव

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शिक्षक विधान परिषद चुनाव: सपा ने हमेशा शिक्षकों शिक्षा व्यवस्था और शिक्षण संस्थानों के हित मे जन कल्याणकारी कार्य किया-छोटेलाल यादव

तारुन मे बैठक कर शिक्षकों से माँगा पार्टी प्रत्याशी को जनसमर्थन

तारुन अयोध्या। गोरखपुर-फ़ैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा शिक्षक विधान परिषद प्रत्याशी डा. संजयन त्रिपाठी के समर्थन मे तारुन हैदरगंज मार्ग पर स्थित कृपाराम यादव के आवास पर शिक्षकों की एक बैठक सपा के पूर्ब जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव के देखरेख मे आयोजित की गयी।

कार्यक्रम मे अयोध्या जिले के चुनाव प्रभारी सपा के प्रदेश सचिव छोटेलाल यादव बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम मे मौजूद शिक्षकों को सम्बोधित करते हुये कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा शिक्षकों, शिक्षा व्यवस्था और शिक्षण संस्थानों के हित में ऐतिहासिक एवं जनकल्याणकारी कार्य किया हैं जो किसी से छुपा नहीं है। उन्होंने कहा समाजवादी पार्टी की सरकार में नेताजी मुलायम सिंह यादव ने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया था।

सपा के पूर्ब जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव ने कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के 300 स्थायी मान्यता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों को अनुदानित करने का निर्णय लिया गया। दूसरे चरण में 1100 जूनियर हाईस्कूलों को एक साथ अनुदानित करने का ऐतिहासिक कार्य किया गया। इसी प्रकार हजारों विषय विशेषज्ञ शिक्षकों का विनियमितीकरण कर उन्हें सामाजिक सम्मान, स्थायित्व और अधिकार दिलाने का काम समाजवादी सरकार ने किया। उन्होंने कहा कि आज शिक्षक समाज के सामने अनेक चुनौतियां हैं। शिक्षकों की समस्याओं का समाधान, पुरानी पेंशन बहाली, वित्तविहीन शिक्षकों की स्थिति, शिक्षण संस्थानों की समस्याएं तथा शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है और 2027 का चुनाव सेमीफइनल माना जायेगा |

कार्यक्रम मे शिक्षक सभा के प्रदेश व साकेत महाविद्याल मे प्रोफ़ेसर डा. प्रशांत प्रजापति व डॉ. बिष्णु कुमार अधिवक्ता संघ के जिलाध्यक्ष राम करन यादव, सैनिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष शिव कुमार यादव, विनय सिंह, सुरजीत यादव, ऋषिराज वर्मा, कृष्ण देव चौबे, डा. मंशाराम वर्मा, उदय भान वर्मा, राम हजूर वर्मा, विजय यादव शामिल हुये।


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