
आउटसोर्स कर्मी मानदेय: अभी नहीं बढ़ा आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय,परिवहन मुख्यालय को रिमाइंडर
अयोध्या। प्रदेश की योगी सरकार ने विभिन्न विभागों में सेवा देने वाले आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी की है। हालांकि अभी इसका फायदा निगमों में तैनात कर्मियों को नहीं मिल पा रहा है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में विभिन्न श्रेणियों में आउटसोर्स पर श्रमिक तैनात हैं। पूर्व की भांति इनके मानदेय में बढ़ोतरी के लिए अयोध्या परिक्षेत्र के सेवा प्रबंधक की ओर से परिवहन मुख्यालय को पत्र भेजा गया था,मगर अभी तक मानदेय बढ़ोत्तरी को लेकर मुख्यालय से कोई निर्णय नहीं हुआ। जिसको लेकर अयोध्या क्षेत्र के सेवा प्रबंधक ने मुख्य प्रधान प्रबन्धक (प्राविधिक), परिवहन निगम मुख्यालय, लखनऊ को फिर से रिमांडर भेजा है।
पत्र में सेवा प्रबंधक नीरज सोनकर का कहना है कि निगम की कार्यशालाओ में वाह्य स्रोत से तकनीकी कार्य पर रखे जाने वाले कार्मिकों के मानदेय / मजदूरी एवं श्रेणीवार पुनः निर्धारण के सम्बन्ध में अनुरोध पत्र प्रेषित किया गया था। प्रबन्धक निदेशक के पत्र संख्या 624 सीईटी/2026-04 सीईटी/09टीसी-01 दिनांक 18.05.2026 के संदर्भ में इस कार्यालय के पंत्र संख्या 160 दिनांक 22.05.2026 का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें। जिसके माध्यम से धनराशि 8400 रुपए प्रति कार्मिक के स्थान पर देय धनराशि में वृद्धि किये जाने का अनुरोध किया गया है किन्तु देय धनराशि में वृद्धि किये जाने का अनुमोदन अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है, जिससे भुगतान में समस्या हो रही है।
अवगत कराना है कि पूर्व में परिवहन निगम द्वारा तीनों श्रेणी अकुशल,अर्द्धकुशल और कुशल के कार्मिकों हेतु भिन्न-भिन्न मजदूरी दरें निर्धारित की गयी थी एवं क्षेत्र में कम कार्मिकों की संख्या के आधार पर प्रति कार्मिकों के लिए भुगतान दरें निर्धारित की गयी थी। पत्र में मांग की गई है कि पूर्व में जिस प्रकार प्रति कार्मिक के मानदेय 7500 रुपए में वृद्धि करते हुए इसको 8400 रुपया प्रति कार्मिक किया गया था। उसी प्रकार वर्तमान में प्रति कार्मिक मिल रहे 8400 रुपए मानदेय बढ़ोत्तरी के स्थान पर देय धनराशि में वृद्धि किया जाना आवश्यक होगा।
