राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अधिवक्ता हुए लामबंद, उग्र आंदोलन की चेतावनी…..

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बैठक को संबोधित करते अध्यक्ष कालिका मिश्र

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: अधिवक्ता संघ के बैठक में 22 जून को होने राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक का घेराव करने पर हुआ मंथन

अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब अधिवक्ताओं का आक्रोश भी खुलकर सामने आने लगा है। मामले में ट्रस्ट के पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज न होने से नाराज अधिवक्ता संघ ने बैठक कर आंदोलन को और तेज करने की रणनीति बनाई है। अधिवक्ताओं का कहना है कि उनकी ओर से दी गई तहरीर पर कार्रवाई नहीं होना न्याय व्यवस्था और अधिवक्ता समाज दोनों का अपमान है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर अधिवक्ता संघ अब पूरी तरह से लामबंद हो गया है। न्यायिक कार्य के दौरान आयोजित बैठक में अधिवक्ताओं ने मामले में अब तक एफआईआर दर्ज न होने पर गहरी नाराजगी जताई।

बैठक में यह विचार किया गया कि यदि जल्द ही मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि उनकी ओर से पुलिस प्रशासन को तहरीर दी गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

बैठक में मौजूद अधिवक्ता

अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि तहरीर दिए जाने के बावजूद एफआईआर दर्ज न होना अधिवक्ता समाज का अपमान है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी मामले में निष्पक्ष जांच तथा कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।

बैठक में निर्णय लिया गया कि अधिवक्ता संघ का एक प्रतिनिधिमंडल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करेगा और मामले में एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध करेगा। साथ ही प्रशासन से स्पष्ट जवाब भी मांगा जाएगा कि अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कालिका मिश्रा ने कहा कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो अधिवक्ता संघ आगामी 22 जुलाई को राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक का घेराव करेगा और ट्रस्ट पदाधिकारियों से सीधे सवाल-जवाब भी करेगा।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर लगातार बढ़ रहे राजनीतिक और सामाजिक दबाव के बीच अब अधिवक्ता संघ की सक्रियता ने इस पूरे प्रकरण को नया मोड़ दे दिया है। ऐसे में सबकी निगाहें पुलिस प्रशासन और जांच एजेंसियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।


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