धार्मिक आयोजन: संत और भगवान के सानिध्य से जागृत होता है पुण्य: पंडित अमरेश्वरानंद

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धार्मिक आयोजन: लुत्फाबाद बछौली में धार्मिक स्थल जोगी वीर बाबा सिद्धि पीठ पर आयोजित हुई श्रीराम कथा

बीकापुर, अयोध्या। संत और भगवान का का सानिध्य प्राप्त होता है तो पुण्य जागृत होता है। यदि कष्ट पा रहे हैं तो ये पापों का फल है। भगवान दो प्रकार से ही पकड़ में आते हैं या तो संकल्प दृढ़ हो या प्रेम श्रेष्ठ हो। उक्त बातें कथा प्रवाचक पंडित अमरेश्वरानंद ने श्रीराम कथा के तीसरे दिन कही।

विकासखंड क्षेत्र के लुत्फाबाद बछौली में धार्मिक स्थल जोगी वीर बाबा सिद्धि पीठ पर आयोजित की जा रही नौ दिवसीय संगीतमई श्रीराम कथा में उन्होंने कहा कि मनु सतरूपा के अंदर भक्ति, प्रेम और समर्पण की पराकाष्ठा थी जिसके परिणाम स्वरूप जब वे दशरथ रूप में आए तो स्वयं नारायण उनके पुत्र बने। अति भक्ति के कारण ही कौशल्या की गोद में त्रिभुवन के नायक खेल रहे हैं।

भगवान शिव और राम मिलन की कथा में बताया कि भगवान शिव और श्री राम एक दूसरे को अपना आराध्य मानते हैं। महादेव श्रीराम के दर्शन की इच्छा को दबा नहीं सके और अयोध्या में आ कर जम गए। अंत में वशिष्ठ जी के माध्यम से दर्शन कर चरण पूजन किया।

उन्होंने भगवान राम के जन्मोत्सव और उनकी बाल लीला, संस्कार और शिक्षा दीक्षा सहित सहित कथा में कई प्रसंगों का कथा वाचक द्वारा रोचक वर्णन किया गया। आरती और प्रसाद के बाद तीसरे दिन की कथा को विश्राम दिया गया। इस मौके पर संतोष पांडेय, मोहन दुबे, दिग्विजय सिंह, विनय पांडेय राहुल तिवारी, केके मिश्रा, देवशरन तिवारी, बाबा शनि देव, सहित तमाम श्रद्धालु श्रोता मौजूद रहे।


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