निषाद समाज में आक्रोश: निषादराज चौराहे पर नामपट्ट की जगह शौचालय संकेतक, निषाद समाज ने उठाए सवाल

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फोटो: महेंद्र गोंड (निषादराज चौराहे पर लगा शौचालय का संकेतक)  

 

निषाद समाज में आक्रोश: निषादराज के सम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप, बोर्ड हटाने की मांग

अयोध्या, निषाद समाज ने टेढ़ी बाजार स्थित निषादराज चौराहे पर नगर निगम द्वारा शौचालय दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। समाज के लोगों का आरोप है कि नगर निगम ने निषादराज चौराहे का आधिकारिक बोर्ड लगाने के बजाय भगवान निषादराज की प्रतिमा के सामने शौचालय का बोर्ड लगाकर समाज की भावनाओं को आहत किया है। निषाद पंचायती मंदिर के पदाधिकारियों ने तत्काल विवादित बोर्ड हटाने और निषादराज चौराहे का नामपट्ट स्थापित करने की मांग की है।

निषाद समाज व निषाद पंचायती मंदिर अयोध्या की तरफ से टेढ़ी बाजार चौराहे का नाम निषाद राज चौराहा की मांग पर 11 मई 2022 को नगर निगम द्वारा निषादराज चौराहा घोषित किया गया। इसके बाद से लगातार निषाद समाज  नगर निगम, सदर विधायक और  जिलाधिकारी से चौराहे पर बोर्ड या शिलापट लगाये जाने की मांग करता रहा। लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो निषाद पंचायती मंदिर के पदाधिकारी ने गोसाईगंज विधायक अभय सिंह से मिलकर प्रार्थना पत्र दिया। विधायक ने तत्काल निषाद समाज के पत्र का संदर्भ देते हुए निषाद राज चौराहे पर बोर्ड तथा नाम सार्वजनिक करने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा।

इसके बाद मुख्यमत्री के माध्यम से जिला अधिकारी अयोध्या ने जन जनसुनवाई संदर्भ संख्या 18177250052616 के माध्यम से जोनल अधिकारी नगर निगम अयोध्या को निस्तारण करने का पत्र प्राप्त हुआ। जिसका निस्तारण करते हुए जिला अधिकारी अयोध्या को प्रेषित पत्र में अवर अभियंता सिविल नगर निगम अयोध्या द्वारा उक्त स्थल पर निषाद राज चौराहे का बोर्ड लगवाये जाने हेतु आगणन तैयार कर सक्षम अधिकारी से स्वीकृत उपरांत एवं वरीयता के आधार पर अग्रिम कार्यवाही का आश्वासन अपने पत्र संख्या 64/न0नि0अयोध्या जोन अयोध्या-जन सुनवाई 2025-26 दिनांक 23 अप्रैल 2025 के माध्यम से पत्र भेजा दिया।

निषाद समाज के लोगों का कहना है कि महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी से निषादराज चौराहे पर निषाद राज मूर्ति लगवाने की अनुमति प्रदान करने के बाद मूर्ति तो लग गई। लेकिन निगम द्वारा निषाद राज चौराहे का बोर्ड तो नहीं लगाया, परंतु भाजपा सरकार को बदनाम करने के नियत से प्रभु राम के सखा निषादराज की प्रतिमा के सामने शौचालय 100 मीटर दूरी का बोर्ड लगाकर निषाद राज सहित निषाद समाज को अपमानित करने का कार्य किया।

जिसको लेकर जिले के निषाद समाज में आक्रोश फैला रहा है। निषाद पंचायती मंदिर के अध्यक्ष इंद्रेश कुमार, प्रेम चंद निषाद, राम प्रसाद निषाद, भगवान दास निषाद, हरि किशन निषाद, वेद प्रकाश निषाद ने उक्त बोर्ड को तत्काल हटवाने तथा निषाद राज चौराहे का बोर्ड लगवाने की मांग नगर निगम के अधिकारियों से की है।


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