
सेवा संकल्प अभियान: कृत्रिम गर्भधान से होगा नस्ल सुधार, निराश्रित पशुओं की समस्या से मिलेगी निजात: डॉ. अरविंद कुमार वैश्य
अयोध्या। उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद एवं पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘वर्गीकृत वीर्य स्ट्रॉ के उपयोग’ विषय पर एक दिवसीय मंडलीय कार्यशाला सर्किट हाउस, अयोध्या के सभागार में आयोजित की गई। कार्यशाला का संचालन डॉ. विवेक कुमार शुक्ल ने किया। उन्होंने सेक्स सॉर्टेड सीमेन की उपयोगिता, विभागीय प्राथमिकताओं और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए अपर निदेशक (ग्रेड-2) पशुपालन विभाग अयोध्या मंडल डॉ. अरविंद कुमार वैश्य ने कहा कि गो-संवर्धन, नस्ल सुधार और किसानों की आय बढ़ाना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि वर्गीकृत वीर्य तकनीक से करीब 90 प्रतिशत तक बछिया के जन्म की संभावना रहती है। इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ निराश्रित गोवंश की समस्या के समाधान में भी मदद मिलेगी।
इस अवसर पर डॉ. वैश्य ने प्रतिभागियों को गो-संवर्धन एवं प्राकृतिक खेती पर आधारित पुस्तक ‘गावोः सर्वसुखप्रदाः’ भेंट की। डॉ. वीनू पाण्डेय ने प्रत्येक कृत्रिम गर्भाधान की ‘भारत पशुधन ऐप’ पर किसान के ओटीपी प्रमाणीकरण के साथ शत-प्रतिशत रियल टाइम फीडिंग अनिवार्य किए जाने के निर्देश दिए।
तकनीकी सत्र में जीनस एबीएस के विशेषज्ञ डॉ. परीक्षित देशमुख ने एलएन2 रख-रखाव, क्रायोजेनिक हैंडलिंग और सही थॉइंग विधि का प्रशिक्षण दिया। वहीं आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सौरभ ने कृत्रिम गर्भाधान के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं और उनके वैज्ञानिक समाधान बताए। कार्यशाला में अयोध्या मंडल के अयोध्या, अमेठी, अम्बेडकर नगर, सुल्तानपुर और बाराबंकी के पशुपालन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
