
Ayodhya Land Dispute: सोशल मीडिया पर अनर्गल बयानबाजी से आहत प्राचार्या ने रखा पक्ष
गोसाईगंज, अयोध्या। जमीनी विवाद के मामले में एमएलसी डॉ0 हरिओम पांडेय व उनके परिजनों पर जबरदस्ती करने का आरोप लगाकर बीते दिनों लगभग नौ दिनों तक आमरण अनशन करने वाले युवक व उनके समर्थकों द्वारा अमर्यादित टिप्पणी से आहत एमएलसी हरिओम पांडेय की पत्नी व महिला महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ अंजू पांडेय बुधवार को मीडिया के सम्मुख मुखर हुई।
उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर उक्त सभी आरोपो का खंडन कर तथ्यात्मक सबूत भी पेश किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में विद्यालय के नाम से गद्दौपुर गांव निवासी राम उजागिर सिंह की जमीन खरीदी थी। राम उजागिर तीन भाई है और अपना हिस्सा उन्होने बेंचा है। अनशनकारी पंकज सिंह का आरोप है कि अंजू पांडेय व हरिओम पांडेय उनकी जमीन जबरदस्ती कब्जा करना चाहते है।
इसी को लेकर पंकज ने कथित तौर पर अनशन शुरू किया था। उस दौरान उनके कुछ समर्थक सोशल मीडिया पर एमएलसी के परिवार व चरित्र पर अमर्यादित टिप्पणी की थी।
बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में अंजू पांडेय ने बताया कि मैं व मेरा परिवार कभी वहां गये तक नही, मेरी जमीन को अनशन कर वह खुद ही हड़पना चाह रहा है जबकि जमीन की एक बार पैमाइश भी हो चुकी है।
उन्होंने प्रशासन से अपील की जल्द ही जमीन की पैमाइश कर मेरी बैनामाशुदा जमीन का चिन्हांकन कर मुझे दिलाया जाय। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उन्होंने खुद पर अमर्यादित टिप्पणी करने वाले कथित श्रीराम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कलई खोली जिसमे उनके द्वारा तारुन सीएचसी पर की गयी वारदात की छपी खबर की छाया प्रति भी उपलब्ध कराया।
अंजू पांडेय ने दावा किया उक्त जमीन उनकी है,जो सीमांकन के बाद स्वतः पता चल जाएगा।
