
Convenience for Passengers : अलग – अलग ट्रेनों के लिए 3 अगस्त से प्रभावी होनी शुरू होगी यह नई व्यवस्था
अयोध्या। यात्रियों की सुविधा और बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रबंधन ने अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पर विभिन्न ट्रेनों के ठहराव की समयावधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह नई व्यवस्था अलग अलग ट्रेनों के लिए 3 अगस्त से प्रभावी होनी शुरू होगी। रेलवे के अनुसार, ठहराव अवधि बढ़ने से यात्रियों को ट्रेन में सुरक्षित ढंग से चढ़ने-उतरने में सुविधा मिलेगी तथा स्टेशन पर परिचालन भी अधिक सुव्यवस्थित होगा।
श्रावण माह शुरू हो गया है और रामनगरी में इसी माह ऐतिहासिक सावन झूला मेला आयोजित किया जाएगा। जिसका मुख्य कार्यक्रम 15 अगस्त से होना है लेकिन पारंपरिक रूप से रामनगरी के कुछ मठ मंदिरों में झूलनोत्सव शुरू हो गया है। सावन झूला मेला में आसपास के जनपदों से ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु झूलनोत्सव देखने आते हैं। रेलवे प्रशासन का कहना है कि अयोध्या धाम आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों की संख्या को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को इससे राहत मिलेगी। साथ ही ट्रेन संचालन में भी बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी।
इन ट्रेनों का बढ़ाया गया ठहराव
रेलवे प्रबंधन ने अयोध्या धाम से होकर गुजरने वाली गुजरात के अहमदाबाद से प्रदेश के वाराणसी के बीच चलने वाली 19167/19168 साबरमती एक्सप्रेस, गुजरात के अहमदाबाद से बिहार के दरभंगा के बीच चलने वाली 19165/19166 साबरमती एक्सप्रेस, पश्चिम बंगाल के बालुरघाट से पंजाब के भटिंडा के बीच चलने वाली 15743/15744 फारुक्का एक्सप्रेस और झारखंड प्रांत के धनबाद से पंजाब प्रांत के फिरोजपुर के बीच चलने वाली 13307/13308 गंगा सतलुज एक्सप्रेस तथा पश्चिम बंगाल के कोलकाता से जम्मू कश्मीर के जम्मू के बीच चलने वाली 13151/13152 कोलकाता जम्मू तवी एक्सप्रेस के ठहराव में वृद्धि का निर्णय लिया है।
दो मिनट से बढ़ाकर पांच मिनट किया गया समय
उत्तर रेलवे लखनऊ के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य अधिकारी समर्थ गुप्ता ने बताया कि इन सभी ट्रेनों का अयोध्या धाम में ठहराव दो मिनट से बढ़ाकर पांच मिनट किया गया है। यह बदलाव साबरमती एक्सप्रेस अप के लिए तीन अगस्त और डाउन के लिए चार अगस्त तथा दरभंगा वाली साबरमती एक्सप्रेस में पांच अगस्त और अन्य ट्रेनों में चार अगस्त से प्रभावी होगा। उन्होंने बताया कि यात्रियों और स्थानीय रेल अधिकारियों के फीडबैक के आधार पर लखनऊ मुख्यालय ने यह प्रस्ताव बड़ौदा हाउस को भिजवाया था, जिसको स्वीकृति मिल गई है।
