
अयोध्या। भागवत भाष्कर गोपाल दाधीच के सानिध्य में नागपुर से आयोजित हुई चारधाम यात्रा का समापन हो गया। आध्यात्मिक यात्रा पर गए श्रद्धालुओं का जत्था यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के साथ-साथ अयोध्या धाम के दर्शन करते हुए नागपुर पहुंचा।
रामनगरी आगमन पर श्रद्धालुओं के जत्थे ने राम जन्मभूमि मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने हनुमानगढ़ी, कनक भवन सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में भी श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने पावन सरयू नदी में आचमन किया तथा राम की पैड़ी का भ्रमण कर धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अनुभव प्राप्त किया।
श्रद्धालुओं ने कहा कि अयोध्या में रामलला के दर्शन से उनके मन को अद्भुत शांति, संतोष और आध्यात्मिक ऊर्जा मिली। उन्होंने राम मंदिर की भव्यता, स्वच्छता और अयोध्या के तेजी से हो रहे विकास की सराहना की। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि वर्षों की प्रतीक्षा के बाद भव्य राम मंदिर में दर्शन करना उनके जीवन का अविस्मरणीय क्षण बन गया।
धार्मिक यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने हरिद्वार में पवित्र हर की पौड़ी पर गंगा स्नान भी किया, इसके बाद सभी श्रद्धालु अपने-अपने गृह जनपदों को रवाना हुए। इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता करते हुए देख की सुख समृद्धि एवं विश्व कल्याण की कामना की।
इस यात्रा में पूजा दिनेश बियाणी, जयश्री मनोज लोया, सुधा हरगोविंद चांडक, पूजा लक्ष्मीकांत केसरवानी, विजयश्री शिवकुमार सारडा (बेंगलुरु), तन्वी केतन रावल (मुंबई), अवनी जतिन जोशी (रायपुर), स्नेहलता अजय मुंदड़ा, प्रियंका पंकज लोया (इचलकरंजी), सोना रविकांत भूतड़ा (किशनगढ़), अनुराधा प्रफुल्ल चौखड़ा, अर्चना नीरज भार्गव, दक्षा भागीरथ जीवनी (गोंदिया), जयंत नागरेचा, मनीषा उमेश उकरणडे, यदुनाथ हरोड़े, उदाराम बोक, बालकदास गोपालपुरे, तरुणाबेन तना, नीलिमा अग्रवाल, विमला गोयल, रमणीता अग्रवाल, हेमलता गोयल (चंद्रपुर), गंगाबाई लाहोटी (कारंजा) सहित अनेक श्रद्धालु शामिल रहे।

