असलहा लेकर कौन चलता है, असलहा लेकर चलने की संस्कृति से लोग अब ऊब चुके हैं-बृजभूषण सिंह

Spread the love

बृजभूषण बोले आज असलहा लेकर कौन चलता है, हाईकोर्ट के शस्त्र लाइसेंस की लिस्ट तलब करने के मामले पर कह दी बड़ी बात

गोंडा/बलरामपुर: भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष व कैसरगंज लोकसभा से पूर्व भाजपा सांसद, भाजपा नेता बृज भूषण शरण सिंह अपने बयानों को लेकर हमेशा ही चर्चा में रहते हैं। इस बार वह हाइकोर्ट की तरफ से तलब की गई एक लिस्ट पर बयान देने के फिर चर्चा में आ गए हैं। बृज भूषण शरण सिंह बलरामपुर के गैंडास बुजुर्ग में एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा तलब की गई रिपोर्ट पर जब उनसे मीडिया ने सवाल किया तो उन्होंने कहा कि आज असलहा लेकर चलता कौन है, फिलहाल हम तो लेकर नहीं चलते है और अब कुछ लोग असलहे से ऊब रहे है। पहले तो जनता इसको पसंद भी करती थी लेकिन अब खुले में लेकर असलहे को कोई नहीं चलता। उन्होंने कहा कि कोर्ट की एक प्रक्रिया है और अगर मांगा गया है तो मांगा गया है।

बलरामपुर पहुंचे भाजपा नेता बृज भूषण शरण सिंह ने शस्त्र लाइसेंस मामले पर बड़ी बात कहते हुए कह दिया कि आज कल असलहा लेकर चलता ही कौन है, असलहा लेकर चलने की संस्कृति से लोग अब ऊब चुके हैं

इस दौरान बृज भूषण ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि यहां आने के पीछे उतरौला की जनता का प्यार भी शामिल है। एक बार मेरे ऊपर संकट आया था, उसी संकट के कारण मैं बलरामपुर से चुनाव लड़ा था, उस समय यह क्षेत्र हमारे लोकसभा में आता था और मात्र 20 – 22 दिनों के अंदर हम लोग चुनाव लड़कर गए थे। इसलिए मेरा लगाव बलरामपुर, उतरौला, गैंडास बुजुर्ग, पचपेड़वा व आसपास के पूरे क्षेत्र से है और यहां के लोगों का सहयोग भी में साथ रहता है।

दरअसल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीते दिनों उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से शस्त्र लाइसेंस धारकों का पूरा ब्यौरा मांगते हुए बाहुबलियों और आपराधिक किस्म वाले लोगों को जारी किए गए असलहा लाइसेंस की सूची तलब की है और अपना सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने सरकार के साथ साथ सभी जिले अधिकारियों से विस्तार में पूरी रिपोर्ट सूचीबद्ध तरीके से तलब की है। इस सूची में बृज भूषण शरण सिंह, रघुराज प्रताप सिंह “राजा भइया”, धनंजय सिंह, बृजेश सिंह, सुशील सिंह, विनीत सिंह समेत लगभग 19 बाहुबलियों को जारी लाइसेंस का पूरा ब्यौरा मांगा है।

माना जा रहा है कि हाईकोर्ट ने शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग, आपराधिक किस्म के लोगों को शस्त्र लाइसेंस देने, और असलहों के सार्वजनिक प्रदर्शन जैसे मामलों पर गंभीर चिंता जताई है। इसी को लेकर यूपी सरकार से सभी नियमों और प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश विनोद दिवाकर ने यह आदेश दिया है। कोर्ट ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले सभी लाइसेंसधारियों के सही पते, आपराधिक मामले, लाइसेंस की स्थिति और सुरक्षा से जुड़ी पूरी जानकारी मांगी है। यह आदेश संतकबीरनगर निवासी जयशंकर की याचिका पर दिया गया है।


Spread the love

Related posts