
येलो जोन पास विवाद: कांग्रेस नेता ने यलो जोन पास में अनियमितता पर उठाया सवाल, पुलिस से की शिकायत
बोले-येलो जोन पास में नाम और फोटो की भिन्नता का मामला अत्यंत गंभीर, दर्ज हो एफआईआर
अयोध्या। अयोध्या धाम के अति संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवेश के लिए निर्गत किए जाने वाले येलो जोन पास में अनियमितता के मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक नगर को संबोधित एक लिखित शिकायत उनके प्रतिनिधि के रूप में नगर कोतवाल को सौंपा है।
कांग्रेस नेता की ओर से दिए गए शिकायती पत्र में उल्लेख किया गया है कि विभिन्न समाचार-पत्रों के माध्यम से यह तथ्य प्रकाश में आया है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य रहे कर्नाटक निवासी गोपाल राव उर्फ गोपाल नागरकट्टे के वाहन संख्या यूपी-16-सीबी-6060 पर लगे येलो जोन पास में नाम “गोपाल राव” एवं पद “ट्रस्ट सहयोगी, श्रीराम जन्मभूमि” अंकित है, जबकि उस पर लगी फोटो किसी अन्य व्यक्ति की है।

शरद शुक्ला ने कहा कि अयोध्या धाम और विशेष रूप से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर देश के सबसे संवेदनशील धार्मिक एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों में से एक हैं। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है और मंदिर परिसर तथा उससे जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवेश को लेकर अत्यंत कठोर प्रोटोकॉल निर्धारित हैं। ऐसे में येलो जोन पास जैसे सुरक्षा दस्तावेज पर नाम और फोटो का अलग-अलग व्यक्तियों से संबंधित होना अत्यंत गंभीर विषय है, जिसे किसी सामान्य प्रशासनिक त्रुटि के रूप में नहीं देखा जा सकता।
उन्होंने कहा कि येलो जोन पास जारी करने से पूर्व आवेदक का विवरण, पहचान संबंधी दस्तावेज, आवश्यक अभिलेख एवं अन्य तथ्यों का सत्यापन किया जाता है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे में यह प्रकरण कई गंभीर प्रश्न उत्पन्न करता है, क्या पास जारी करते समय सत्यापन प्रक्रिया में किसी स्तर पर चूक हुई? क्या किसी व्यक्ति ने मिथ्या जानकारी देकर पास प्राप्त किया? अथवा पास निर्गत होने के बाद उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई? इन सभी पहलुओं की गहन एवं निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
शरद शुक्ला ने कहा कि यदि किसी सुरक्षा पास का दुरुपयोग कर कोई अनधिकृत व्यक्ति संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवेश प्राप्त करने की स्थिति में आ जाता है, तो यह केवल एक दस्तावेजी अनियमितता नहीं, बल्कि श्रीरामजन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए संभावित खतरे का विषय है। करोड़ों रामभक्तों की आस्था के केंद्र की सुरक्षा से जुड़ा कोई भी मामला अत्यंत गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि इस येलो जोन पास के आवेदन, सत्यापन, अनुमोदन एवं निर्गमन की संपूर्ण प्रक्रिया की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए तथा यह निर्धारित किया जाए कि उक्त विसंगति के लिए कौन-कौन व्यक्ति उत्तरदायी हैं।
यदि जांच में मिथ्या विवरण प्रस्तुत करने, कूट रचना, अभिलेखों से छेड़छाड़, सुरक्षा दस्तावेज के दुरुपयोग अथवा किसी अन्य दंडनीय कृत्य के प्रमाण प्राप्त होते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में तत्काल प्राथमिकी पंजीकृत कर कठोर विधिक कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर एडवोकेट अतुल यादव, एडवोकेट माता प्रसाद समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।

