
Private Hospital Sealed: प्रसूता की मौत पर हंगामे के बाद जागा स्वास्थ्य विभाग, अस्पताल किया सील
निजी अस्पताल के झोलाछाप डॉक्टर पर ऑपरेशन का आरोप
तारुन, अयोध्या। तारुन स्थित एक निजी अस्पताल में कथित झोलाछाप डॉक्टर द्वारा ऑपरेशन के बाद 26 वर्षीय प्रसूता की मौत से कोहराम मच गया। सोमवार को परिजनों ने अस्पताल के सामने शव रख कर जमकर हंगामा काटा था। इसके बाद कुंभकर्णी नींद से जागा स्वास्थ्य महकमे ने मंगलवार को पहुंचकर अस्पताल को सील की कार्रवाई की।
मामला तारुन ब्लॉक के सराय सागर गांव का है। यहां के निवासी विश्वास यादव पुत्र शिवबहादुर यादव ने अपनी 21 वर्षीय पत्नी अनुराधा को प्रसव के लिए तारुन स्थित प्राइवेट पब्लिक अस्पताल में भर्ती कराया था। आरोप है कि वहां झोलाछाप डॉक्टर ने ऑपरेशन किया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई।
हालत नाजुक होने पर अस्पताल प्रबंधन ने उसे लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। परिजनों का आरोप है कि लखनऊ में कई अस्पतालों के चक्कर कटवाने के बाद एक अस्पताल में भर्ती कर वेंटीलेटर पर रखकर परिवार से करीब बारह लाख रुपये वसूल लिए गए। पांच दिन बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। घटना से मृतका के दो छोटे बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों ने अस्पताल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई और बारह लाख रुपये क्षतिपूर्ति की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मगंलवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डा दिनेश भिटौरिया ने चार सदस्यीय डॉक्टरों का पैनल बनवाकर विडियो ग्राफी के साथ व फोरेंसिक टीम के द्वारा पोस्टमॉर्टम किया गया।
सी एम ओ के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डॉ0 आशुतोष श्रीवास्तव व डॉ0 दीपक पांडेय तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तारुन के अधीक्षक डॉ0 अंशुमान गुप्ता, फार्मासिस्ट आर के चौधरी समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी अस्पताल सील की कार्रवाई में शामिल रहे। महिला का दाह संस्कार भरत कुंड में किया गया।
थाना प्रभारी लालचंद सरोज ने बताया कि अस्पताल संचालक के खिलाफ अपराध संख्या 354/26 दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है ।

