
Muharram 2026: अयोध्या में ऐतिहासिक कदीमी मेंहदी का जुलूस निकाला गया, सांस्कृतिक धरोहर की जीवंत मिसाल बनी
अयोध्या: अवध की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मकबरा बहू बेगम साहिबा से जिला प्रशासन के नेतृत्व में कदीमी मेंहदी का भव्य जुलूस निकाला गया। यह जुलूस न केवल धार्मिक भावनाओं का सम्मान करता है बल्कि सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत रखने का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है।
देर शाम साढ़े आठ बजे मकबरा बहू बेगम से शुरू हुए इस जुलूस में नौहाख्वानी, सीनाजनी और मातमी सदाओं के साथ हजरत कासिम की शहादत पर गहरा पुरसा पेश किया गया। जुलूस फतेहगंज अकबर बाजा, ऐतिहासिक चौक गुदड़ी बाजार होते हुए रात में इमामबाड़ा जवाहर अली खां पहुंचकर समाप्त हुआ।
जुलूस में इमामें जाफरिया, हैदरिया, आबादिया, गुंचे मजलूमियां, मासूमियां समेत कई प्रमुख अंजुमनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान पूरे मार्ग में शान्ति, अनुशासन और भाईचारे का माहौल रहा। जिला प्रशासन द्वारा बेहतर प्रबंधन के कारण जुलूस सुव्यवस्थित रूप से पूरा हुआ, जिसमें स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

यह जुलूस अपनी अलग पहचान रखता है। यह न केवल धार्मिक आयोजन है बल्कि अवध की गंगा-जमुनी तहजीब, सांस्कृतिक एकता और ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने का प्रतीक भी है। स्थानीय प्रशासन और समुदाय के संयुक्त प्रयासों से ऐसे आयोजन शहर की सौहार्दपूर्ण छवि को और मजबूत करते हैं। मौलाना जफर अब्बास कुम्मी ने कहा कि अयोध्या में इस तरह के पारंपरिक जुलूसों का आयोजन न सिर्फ धार्मिक भावनाओं का सम्मान है, बल्कि पूरे क्षेत्र में शांति, सद्भाव और सांस्कृतिक समृद्धि का संदेश भी देता है।
सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व व निर्देश में निकले मेंहदी जुलूस में एजेंट जफरूल हसन, सेक्रेटरी मौलाना जफर अब्बास कुम्मी, जनरल सेक्रेटरी मिर्जा आफाक मेंहदी, लीगल एडवाइजर मुश्फिक तौकीर जैदी, कन्वीनर हसन रजा रिजवी, जुरयित अब्बास, दानिश हसन, हैदर अब्बास, बिलाल समेत बड़ी संख्या में अजादार मौजूद रहे।

