
हार्मनी फेस्टिवल 2026: मोहनजी और भारतीय राजदूत ने किया आयोजन का शुभारंभ….
लखनऊ। क्रोएशिया के गोरीचान (मेजीमुर्ये) स्थित मोहनजी पीस सेंटर में 29 से 31 मई, 2026 तक आयोजित पहला हार्मनी फेस्टिवल भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और वैश्विक सौहार्द का अद्भुत संगम बनकर उभरा। तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन का उद्घाटन ब्रह्मर्षि मोहनजी और क्रोएशिया में भारत के राजदूत अरुण गोयल ने संयुक्त रूप से किया।
मोहनजी पीस सेंटर क्रोएशिया के इस प्रमुख उत्सव का उद्देश्य मन, शरीर, संबंधों और समुदाय के बीच संतुलित एवं सामंजस्यपूर्ण जीवन को बढ़ावा देना है। पूर्णतः नशामुक्त और पौध-आधारित जीवनशैली पर आधारित इस आयोजन में क्रोएशिया सहित विभिन्न देशों से 200 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
उद्घाटन समारोह भारतीय संस्कृति के रंगों से सराबोर रहा। भरतनाट्यम की मनमोहक प्रस्तुतियों, पारंपरिक भारतीय व्यंजनों तथा प्रसिद्ध फोटोग्राफर पेटार सैंटिनी द्वारा आयोजित महाकुंभ मेला फोटो प्रदर्शनी ने उपस्थित लोगों को भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया। अनेक प्रतिभागियों के लिए यह भारतीय परंपराओं से पहली प्रत्यक्ष मुलाकात थी।

इस अवसर पर दो महत्वपूर्ण पुस्तकों “बाल्कन इन द फास्ट ट्रैक (गुरु लीला)” तथा देवी अम्मा (बैंगलोर) की पुस्तक “द डिवाइन कपल” के क्रोएशियाई अनुवाद का भी लोकार्पण किया गया। भारतीय राजदूत अरुण गोयल को इन पुस्तकों की प्रतियां भारतीय दूतावास के पुस्तकालय हेतु भेंट की गईं। कार्यक्रम के दौरान भारत और क्रोएशिया के बीच सांस्कृतिक सहयोग को और मज़बूत करने पर भी चर्चा हुई।
पूरे तीन दिनों तक मोहनजी स्वयं उत्सव में उपस्थित रहे। उन्होंने ‘हार्मनी पर सत्संग’ के माध्यम से प्रतिभागियों को जीवन में संतुलन और आंतरिक शांति का संदेश दिया। कार्यक्रम में योग, प्राणायाम, मोहनजी वेलनेस वॉकिंग, ध्यान सत्र, तथा ऊर्जा संतुलन की विशेष पद्धति माई-त्री मेथड के सत्र आयोजित किए गए।
उत्सव का सबसे चर्चित आकर्षण कॉन्शियस डांसिंग रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने संगीत और चेतना के अद्भुत समन्वय का अनुभव किया। इसके अलावा मानसिक स्वास्थ्य, सचेत अभिभावकत्व (कॉन्शियस पैरेंटिंग), वैवाहिक एवं पारिवारिक संबंधों जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। आयुर्वेदिक परामर्श और ज्योतिष सत्रों ने भी लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
समापन दिवस पर मोहनजी ने अपना प्रसिद्ध साप्ताहिक सत्संग आयोजित किया, जिसे सामान्यतः दुनिया भर में 400 से अधिक लोग ऑनलाइन सुनते हैं। इसके बाद उन्होंने वैदिक परंपरा के अनुसार शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई। भारत के बाहर विरले ही देखने को मिलने वाला यह पवित्र अनुष्ठान प्रतिभागियों के लिए जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बन गया।
सांस्कृतिक संध्याओं में ‘भक्ति मार्ग क्रोएशिया’ द्वारा प्रस्तुत कीर्तन और अन्य संगीत कार्यक्रमों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। अपने पहले ही संस्करण में हार्मनी फेस्टिवल ने यह साबित कर दिया कि आनंद, संस्कृति, आध्यात्मिकता और सामुदायिक जीवन एक-दूसरे के पूरक हैं। आयोजकों ने घोषणा की है कि हार्मनी फेस्टिवल का अगला संस्करण वर्ष 2027 के वसंत ऋतु में आयोजित किया जाएगा।

