
किसानों की समस्या: 64 साल बाद नहीं पूरी हुई सोनौरा गाऊपुर की चकबंदी प्रक्रिया, 630 खातेदारों ने प्रक्रिया शुरू कराने को सौंपा प्रार्थना पत्र
तारुन, अयोध्या। ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत सोनौरा गाऊपुर के किसानो की गांव मे चकबंदी कराने की आस 64 बर्ष बीत जाने के बाद विभागीय लापरवाही के चलते पूरी नहीं हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि आखिरी बार 1962 में गाँव की चकबंदी हुई थी। उसके बाद 64 वर्ष बीत गये लेकिन आज तक दोबारा चकबंदी की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। लगभग डेढ़ दशक पहले गाँव क़ी चकबंदी प्रक्रिया शुरू हुई थी। लेकिन धारा 52 के प्रकाशन और कब्जा परिवर्तन के दौरान विवाद के कारण उसे निरस्त कर दिया गया। तभी से यह मामला अधर मे लटका हुआ है और गांव के किसान लगातार भटकते फिर रहे हैं।
बीकापुर स्थित चकबंदी कार्यालय में गाँव के 630 सहमत खातेदारों ने गांव क़ी चकबंदी प्रक्रिया पुनः शुरू कराने को लेकर लेखपाल को हस्ताक्षर युक्त प्रार्थना पत्र सौंपा है। करीब 3 हजार मतदाताओ वाली इस ग्राम पंचायत मे 18 मजरे हैं। यही नहीं इस ग्राम पंचायत से सटी दूसरी अन्य ग्राम पंचायते शामिल है जिनमे पिछौरा, बेदापुर व फतेहपुर कमासिन शामिल है जहाँ के किसानों की जमीन इसी ग्राम सभा में जुडी है। जमीन के बिखराव और चकबंदी न होने से किसानो का कृषि कार्य पूरी तरह प्रभावित है और उन्हें टुकड़ो मे बटे होने के कारण खेती करने मे दिक्क़त होती है।
पीड़ित किसानों की मुख्य समस्याये
किसानों का कहना है कि एक-एक किसान की जमीन 4 से 5 जगह बिखरी हुई है। इससे सिंचाई में पानी की बर्बादी, जुताई-बुवाई में अतिरिक्त खर्च और फसल की रखवाली में दिक्कत हो रही है। गांव में खेत नाली और चक रोड नहीं है, जिसकी वजह से किसान अपने खेत तक नहीं पहुंच पाते। मजबूरन दूसरों की जमीन से होकर जाना पड़ता है, जिससे आये दिन वाद विवाद और मारपीट की स्थिति बनी रहती है।ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सुनील कुमार ने कहा चकबंदी नहीं हुई है। बिखरी जमीन के कारण उत्पादन घट रहा है।
किसान मुन्नीलाल वर्मा ने बताया कि दूसरे के खेत से होकर अपने खेत पर जाना पड़ता है। अगर चकबंदी हो जाय तो हर किसान की जमीन एक जगह हो जाएगी, जिससे खेती करना आसान हो जायेगा और विवाद भी खत्म होंगे। इस संबंध में पूर्व प्रधान अशोक सिंह, पूर्व प्रधान पिछौरा रामबख्श वर्मा, राजित राम दुबे, मुन्नीलाल वर्मा सहित गांव के सभी 630 सहमत खातेदारों ने चकबंदी लेखपाल को हस्ताक्षर युक्त प्रार्थना पत्र सौंपा है।
पत्र के साथ सभी ने अपने आधार कार्ड और खतौनी की खाता संख्या का विवरण भी संलग्न किया है। ग्रामवासियों ने जिलाधिकारी अयोध्या से इस ग्राम सभा में चकबंदी की प्रक्रिया अविलंब प्रारम्भ करवाये जाने कि जाए। चकबंदी लेखपाल प्रवीण पांडेय ने बताया कि काश्तकारों का सहमति पत्र प्राप्त हुआ है, जिसे अग्रिम करवाई हेतु जिले पर भेजा जा रहा है।
