
शिक्षक TET ज्ञापन: जब आईएएस आईपीएस पीसीएस नियुक्ति के 25 वर्ष बाद नहीं देते हैं कोई परीक्षा तो शिक्षक के ऊपर टीईटी लागू क्यों-नीलमणि त्रिपाठी
अयोध्या। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जनपद अयोध्या के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष नीलमणि त्रिपाठी एवं जिला मंत्री डॉ. चक्रवर्ती सिंह के नेतृत्व में सांसद अवधेश प्रसाद को ज्ञापन सौंपकर लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों के लिए टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की। इस दौरान जिले के विभिन्न विकास खंडों से बड़ी संख्या में शिक्षक और संघ पदाधिकारी मौजूद रहे।
ज्ञापन में संघ ने मांग की कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा 23 अगस्त 2010 को निर्धारित न्यूनतम शैक्षिक अर्हता के पैरा-4 को संसद के माध्यम से निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) में समुचित रूप से शामिल कर शिक्षकों को सेवा के बीच TET की अनिवार्यता से राहत दी जाए।
जिलाध्यक्ष नीलमणि त्रिपाठी ने कहा कि निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम-2009 में शिक्षक बनने की न्यूनतम योग्यता पहले से निर्धारित है। इसके बावजूद वर्षों से कार्यरत शिक्षकों पर सेवा के दौरान अतिरिक्त परीक्षा थोपना उनके साथ अन्याय और उत्पीड़न है। उन्होंने कहा कि अन्य किसी भी विभाग, चाहे वह आईएएस, आईपीएस, पीसीएस अथवा अन्य सेवाएं हों, वहां 20 से 30 वर्ष की सेवा के बाद पद पर बने रहने के लिए कोई अतिरिक्त परीक्षा नहीं ली जाती। ऐसे में शिक्षकों के साथ अलग व्यवहार उचित नहीं है।
जिला मंत्री डॉ. चक्रवर्ती सिंह ने कहा कि जिस प्रकार कानून के क्षेत्र में एलएलबी एक पेशेवर डिग्री है और अनुभव के आधार पर अधिवक्ताओं को उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलती हैं, उसी प्रकार बीएड और बीटीसी भी अध्यापन की पेशेवर योग्यताएं हैं। उन्होंने कहा कि 25-30 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे अनुभवी शिक्षकों पर सेवा के बीच TET अनिवार्य करना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि खेल के नियम बीच में नहीं बदले जा सकते।
संघ ने सांसद अवधेश प्रसाद से मांग की कि संसद के माध्यम से कानून बनाकर लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त कराया जाए। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष रामानुज तिवारी, संतोष यादव, अविनाश पांडेय, सत्येंद्र पाल सिंह, अनुज सिंह, समीर सिंह, डॉ. सिकंदर सिंह, ओमप्रकाश यादव, आलोक यादव, भगवती यादव, रविंद्र गौतम, सत्येंद्र गुप्ता, अनिल सिंह, विजय शुक्ला, पप्पू कुमार, संतोष वर्मा, संचराज वर्मा, अमरेंद्र सिंह, नागेंद्र सिंह, मृत्युंजय शरण गौर, कुंवर आनंद सिंह, विद्या यादव, राजेश कुमार, प्रदीप सिंह, विजय तिवारी, नवनीत, आवेश कुमार, कृष्ण प्रताप सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।

