राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला ‘कलंक’, दोषियों को मिलेगी सजा: नृपेंद्र मिश्र

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: 30 जुलाई तक मुख्य निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद, सितंबर तक बाउंड्री वॉल और वर्ष के अंत तक ऑडिटोरियम निर्माण का लक्ष्य

अयोध्या। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र शनिवार को अयोध्या पहुंचे। इस दौरान उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों व संबंधित एजेंसियों के साथ विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने राम मंदिर से जुड़े चर्चित दान चोरी के मामले को गंभीर बताते हुए इसे “राम मंदिर पर एक कलंक” करार दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि दान चोरी की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी लगातार संवाद कर रहे हैं और जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसे कानून के अनुसार सजा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ी होती हैं, इसलिए इन्हें पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है।

राम मंदिर निर्माण कार्य की प्रगति पर जानकारी देते हुए नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि 30 जुलाई तक मंदिर के मुख्य निर्माण कार्य पूरे होने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने बताया कि अधिकांश प्रमुख निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं और केवल कुछ तकनीकी एवं व्यवस्थागत कार्य शेष हैं। इनमें 24 घंटे जलने वाली अखंड ज्योति की व्यवस्था का कार्य अभी पूरा किया जाना बाकी है, जबकि अन्य महत्वपूर्ण निर्माण लगभग पूरे हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर की सुरक्षा और सौंदर्यीकरण के लिए बनाई जा रही लगभग चार किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल का निर्माण 30 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह बाउंड्री वॉल मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगी तथा आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में सहायक होगी।

मंदिर परिसर के बाहर बनाए जा रहे आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण पर भी नृपेंद्र मिश्र ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का कार्य तेजी से चल रहा है और नवंबर अथवा दिसंबर तक इसके पूरा होने की संभावना है। यह ऑडिटोरियम धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के आयोजन का प्रमुख केंद्र बनेगा।

राम कथा संग्रहालय की प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि संग्रहालय की 20 गैलरियों की स्टोरीलाइन तैयार कर ली गई है। अब इन गैलरियों में प्रस्तुत किए जाने वाले तकनीकी प्रदर्शन, डिजिटल प्रस्तुति और वीडियो कंटेंट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। संग्रहालय के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, रामायण और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के जरिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

पत्रकारों द्वारा मंदिर ट्रस्ट की बैठकों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े सवाल पूछे जाने पर नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि यह विषय उनके कार्यक्षेत्र के बाहर का है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका दायित्व केवल निर्माण कार्यों की निगरानी और उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा कराना है, जबकि ट्रस्ट की प्रशासनिक एवं प्रबंधन संबंधी व्यवस्थाओं पर संबंधित पदाधिकारी ही निर्णय लेते हैं।

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष के इस दौरे को मंदिर निर्माण के अंतिम चरण की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर उन्होंने निर्माण कार्यों की समयसीमा स्पष्ट की, वहीं दान चोरी के मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए यह संदेश भी दिया कि मंदिर की प्रतिष्ठा से जुड़े किसी भी मामले में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उनके बयान के बाद अब श्रद्धालुओं और आम लोगों की निगाहें निर्माण कार्य की निर्धारित समयसीमा और दान चोरी मामले की जांच के परिणामों पर टिकी हैं।


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