Leela Hari Foundation Ayodhya: गरीबों को भोजन, बच्चों को शिक्षा सामग्री और बेजुबान पशुओं को सहारा दे रहा लीला हरी फाउंडेशन

Spread the love

Leela Hari Foundation Ayodhya: गरीबों को भोजन, बच्चों को शिक्षा सामग्री और बेजुबान पशुओं को सहारा दे रहा लीला हरी फाउंडेशन

समाज का आईना बनो, समाज का साथ समाज का विकास हमारा उद्देश्य-लीला श्रीवास्तव 

अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में लीला हरी फाउंडेशन जरूरतमंदों की मदद और सामाजिक उत्थान के उद्देश्य से लगातार कार्य कर रही है। संस्था पिछले लगभग तीन वर्षों से गरीबों और असहाय लोगों को भोजन, वस्त्र तथा बच्चों को शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराने के साथ ही बेजुबान पशु-पक्षियों की सेवा में भी जुटी है। संस्था का उद्देश्य जरूरतमंदों तक उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायता पहुंचाना और समाज में सेवा, समानता व मानवीय संवेदना की भावना को मजबूत करना है।

संस्था की अध्यक्ष लीला श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार का सपना गरीबी, बेरोजगारी और अशिक्षा को दूर करना तथा प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर शिक्षा और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इन उद्देश्यों को साकार करने में समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। इसी भावना के साथ लीला हरी फाउंडेशन जरूरतमंद परिवारों की सहायता कर रही है।

उन्होंने बताया कि संस्था की ओर से गरीबों को नियमित रूप से भोजन वितरित किया जाता है। छोटे बच्चों को कपड़े, कॉपी, कलम और किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं। त्योहारों पर बच्चों को मिठाई और उपहार देकर उनके चेहरों पर मुस्कान लाने का प्रयास किया जाता है। सर्दियों में जरूरतमंदों को कंबल, महिलाओं को शॉल, मोजे, टोपी और जूते सहित आवश्यक वस्त्र वितरित करने की भी योजना है।

लीला श्रीवास्तव ने बताया कि संस्था का भोजन वितरण का तरीका दूसरे आयोजनों से अलग है। संस्था किसी एक स्थान पर भंडारा आयोजित करने के बजाय जरूरतमंदों को उनके रहने, बैठने और आराम करने के स्थान पर भोजन पहुंचाने का प्रयास करती है। भोजन की थाली में दाल, चावल, रोटी, सब्जी और मिठाई जैसी सामग्री शामिल की जाती है। भोजन में समय-समय पर बदलाव भी किया जाता है, ताकि जरूरतमंद लोगों को सम्मानपूर्वक भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

उन्होंने कहा कि संस्था का मानना है कि जिस व्यक्ति को जिस वस्तु की जरूरत है, उसे वही सहायता मिलनी चाहिए। भूखे को भोजन, जरूरतमंद को वस्त्र और बच्चों को शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराना ही समाज सेवा का वास्तविक उद्देश्य है।

बेजुबान पशुओं की सेवा पर भी जोर

फाउंडेशन की ओर से पशु-पक्षियों की देखभाल को भी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा माना गया है। संस्था बेजुबान पशुओं के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था करने के साथ उनके बैठने और आराम करने के लिए बिछौने की व्यवस्था पर भी ध्यान दे रही है। संस्था का प्रयास है कि मनुष्यों के साथ-साथ पशु-पक्षियों को भी सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिल सके।

युवाओं को समाज सेवा के लिए कर रहे प्रेरित

संस्था के महासचिव संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि आज के युवाओं को समाज सेवा और जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भूखे व्यक्ति को भोजन कराना, जरूरतमंद को वस्त्र देना और गरीब परिवारों के साथ त्योहारों की खुशियां साझा करना सबसे बड़ी सेवा है।

उन्होंने बताया कि संस्था के पदाधिकारी और सदस्य सेवा कार्यों की तैयारियों से लेकर वितरण तक में स्वयं योगदान देते हैं। श्रीमती रेखा श्रीवास्तव, सुप्रिया श्रीवास्तव, निहारिका श्रीवास्तव, हरिवंश श्रीवास्तव और राजश्री (मुनमुन) सहित संस्था के अन्य सदस्य भी इन कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाते हैं।

शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता भी उद्देश्य

लीला हरी फाउंडेशन केवल भोजन और वस्त्र वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने, शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी देने का भी प्रयास कर रही है।

संस्था का मानना है कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिले और गरीब व असहाय परिवार भी त्योहारों को खुशियों के साथ मना सकें। संस्था के इन प्रयासों में समाज के अन्य लोगों का भी सहयोग मिल रहा है।

लीला हरी फाउंडेशन का संदेश है कि देश और प्रदेश की खुशहाली के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। जरूरतमंदों की सहायता, बच्चों की शिक्षा, पशु-पक्षियों की सुरक्षा और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता को अपनाकर ही एक बेहतर समाज का निर्माण किया जा सकता है।

 


Spread the love

Related posts