
अयोध्या के विकास कार्य पर सवाल: दो महीने से खुदी सड़क, स्ट्रीट लाइट की भूमिगत तार कटी, पार्षद ने ADA से की शिकायत
अयोध्या। रामनगरी में विकास के नाम पर सड़कें बन रही हैं या लोगों की मुश्किलें-यह सवाल नगर निगम के वार्ड संख्या-19 सीताकुंड में सामने आई एक शिकायत ने खड़ा कर दिया है। वार्ड पार्षद विनय कुमार जायसवाल ने अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को पत्र भेजकर सड़क और नाली निर्माण में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। पार्षद का दावा है कि ठेकेदार,फर्म ने पूरी सड़क को करीब दो महीने से खोदकर छोड़ रखा है, जिससे आम लोगों का पैदल निकलना तक मुश्किल हो गया है।
पार्षद के पत्र के मुताबिक, वार्ड में सड़क और नाली का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन निर्माण कार्य की रफ्तार ऐसी है कि सड़क खुदने के बाद महीनों से उसी हालत में पड़ी है। लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। सवाल यह है कि जब सड़क को खोदने के बाद निर्माण पूरा करने की क्षमता नहीं थी, तो जनता के रास्ते को इस तरह बाधित क्यों किया गया?
शिकायत में इससे भी गंभीर आरोप लगाया गया है। पार्षद के अनुसार सड़क की खुदाई के दौरान नगर निगम की स्ट्रीट लाइट की भूमिगत ग्राउंड तार काट दी गई, लेकिन शिकायत की तारीख तक उसे दुरुस्त नहीं कराया गया। नतीजा यह कि मार्ग पर अंधेरा पसरा है और स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
इतना ही नहीं, पत्र में सीवर और घरों के विद्युत कनेक्शन आदि टूटने का भी उल्लेख किया गया है। यानी सड़क बनाने की कवायद में कहीं रास्ता टूटा, कहीं रोशनी गई और कहीं लोगों के घरों की सुविधाएं प्रभावित हुईं।
शुरुआत से ही सवालों के घेरे में ‘गुणवत्ता’
पार्षद ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण शुरू होने के साथ ही काम की गुणवत्ता को लेकर शिकायत सामने आ गई थी। इस संबंध में उन्होंने उपाध्यक्ष से शिकायत की थी। इसके बाद अधिशासी अभियंता ने मौके का निरीक्षण किया और कार्रवाई करते हुए नाली का ध्वस्तीकरण भी कराया गया था।
लेकिन पार्षद के मुताबिक मौजूदा स्थिति को देखकर उन्हें प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ठेकेदार/फर्म द्वारा आम जनता के प्रति द्वेषपूर्ण मानसिकता से घटिया कार्य कराया जा रहा है।पार्षद विनय कुमार जायसवाल ने एडीए उपाध्यक्ष से संबंधित ठेकेदार/फर्म के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण कार्य तत्काल पूरा कराने का अनुरोध किया है, ताकि आमजन को हो रही परेशानियों से राहत मिल सके।अब सवाल सिर्फ एक सड़क का नहीं है। सवाल यह है कि विकास कार्य जनता के लिए सुविधा बनेंगे या महीनों तक खुदी सड़क, अंधेरा और टूटे कनेक्शन छोड़कर चले जाएंगे? शिकायत सामने आने के बाद निगाहें अब एडीए की कार्रवाई पर टिकी हैं।
