Ayodhya Deepotsav 2026: दीपोत्सव और कार्तिक पूर्णिमा मेले की तैयारियां तेज, DM ने तय की विभागवार जिम्मेदारी

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Ayodhya Deepotsav 2026: अयोध्या में दीपोत्सव, चौदहकोसी-पंचकोसी परिक्रमा और कार्तिक पूर्णिमा मेले की तैयारियां तेज, DM ने तय की विभागवार जिम्मेदारी

राम की पैड़ी, सरयू घाट और प्रमुख धार्मिक स्थलों का होगा विशेष सजावट व सौंदर्यीकरण; परिवहन, स्वास्थ्य, सफाई, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बनाया जाएगा मजबूत

अयोध्या। प्रांतीयकृत दीपोत्सव मेला-2026 के साथ चौदहकोसी-पंचकोसी परिक्रमा एवं कार्तिक पूर्णिमा मेला-2026 को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में दोनों प्रमुख आयोजनों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां निर्धारित करते हुए सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर, मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह, अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुराज जैन, अपर जिलाधिकारी नगर योगानंद पांडे, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अमित कुमार भट्ट, मुख्य राजस्व अधिकारी गजेंद्र, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र भिटौरिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

5 से 8 नवंबर तक होंगे दीपोत्सव के प्रमुख आयोजन

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 5 नवंबर 2026 को गोवत्स द्वादशी, 6 नवंबर को धनत्रयोदशी, 7 नवंबर को मास शिवरात्रि, नरक चतुर्दशी, छोटी दीपावली एवं हनुमान जयंती तथा 8 नवंबर को दीपावली के अवसर पर अयोध्या के विभिन्न प्रमुख स्थलों पर धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

दीपोत्सव के दौरान साकेत महाविद्यालय से शोभायात्रा एवं विभिन्न झांकियां निकाली जाएंगी। इसके लिए ट्रॉली, ट्रक, मंच सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी। रामकथा पार्क के निकट हेलिपैड की व्यवस्था भी प्रस्तावित की गई है।

रामकथा पार्क और राम की पैड़ी पर होंगे विशेष कार्यक्रम

रामकथा पार्क में श्रीराम-सीता स्वरूप की वंदना, प्रदर्शनी, विभिन्न विभागों के लोकार्पण कार्यक्रम, रामलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सरयू आरती स्थल पर मंच, सजावट, पुष्प एवं अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी।

राम की पैड़ी सहित प्रमुख धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों को दीपोत्सव की थीम पर आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा। स्वर्ग द्वार की पुताई, राम की पैड़ी की विशेष सफाई, धार्मिक स्थलों पर दीप व्यवस्था, फूलों की चेन, गमले एवं पुष्प सज्जा तथा घाटों की रैलिंग और लाइटिंग की मरम्मत जैसे कार्य कराए जाएंगे।

श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष जोर

दीपोत्सव में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए परिवहन, विश्राम स्थल, चिकित्सा, पेयजल, सफाई, शौचालय और प्रकाश व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा। प्रमुख धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन की विशेष व्यवस्था रहेगी।

बैठक में मीडिया सेंटर, प्रेस पास, फ्लोटिंग जोन, विद्युत तार एवं ट्रांसफार्मर, सड़कों की मरम्मत, निराश्रित गोवंश की व्यवस्था और सार्वजनिक स्थलों की सजावट सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विभागवार जिम्मेदारियां तय की गईं।

18 नवंबर से चौदहकोसी परिक्रमा, 20 नवंबर को पंचकोसी परिक्रमा

परिक्रमा एवं कार्तिक पूर्णिमा मेला-2026 की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। 18 नवंबर 2026 को चौदहकोसी परिक्रमा एवं अक्षय नवमी का आयोजन होगा। चौदहकोसी परिक्रमा 17/18 नवंबर की रात 1:10 बजे से शुरू होकर 18/19 नवंबर की रात 2:55 बजे तक चलेगी।

वहीं 20 नवंबर 2026 को पंचकोसी परिक्रमा एवं एकादशी का आयोजन होगा। पंचकोसी परिक्रमा 20 नवंबर की रात 3:01 बजे से शुरू होकर 21 नवंबर की रात 2:37 बजे तक चलेगी।

24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा स्नान

24 नवंबर 2026 को कार्तिक पूर्णिमा स्नान एवं गुरु नानक जयंती का आयोजन होगा। स्नान का निर्धारित समय 23 नवंबर की रात 10:48 बजे से 24 नवंबर की रात 8:52 बजे तक रहेगा।

मेले को देखते हुए परिक्रमा मार्ग और मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश एवं शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम, जिला पंचायत और संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने को कहा गया है।

स्वास्थ्य और बिजली व्यवस्था होगी मजबूत

श्रद्धालुओं के लिए प्राथमिक उपचार केंद्र, चिकित्सकों एवं दवाओं की उपलब्धता तथा आवश्यक स्थानों पर एंबुलेंस और मेडिकल टीम की तैनाती की जाएगी। मेले के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ विद्युत पोलों और तारों की आवश्यक मरम्मत कराई जाएगी।

जल निगम को पाइपलाइनों के आवश्यक स्थानांतरण तथा सीवर एवं पेयजल लाइनों की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग मेला क्षेत्र और परिक्रमा मार्ग की सड़कों की मरम्मत के साथ जरूरत के अनुसार बालू का छिड़काव कराएगा।

घाटों और प्रमुख स्थलों का होगा सौंदर्यीकरण

सरयू नहर खंड, अयोध्या विकास प्राधिकरण एवं अन्य संबंधित विभाग घाटों, सड़कों, पार्कों और प्रमुख स्थलों की सफाई, मरम्मत, लाइटिंग और सौंदर्यीकरण कराएंगे। सरयू घाटों पर झाड़ियों की सफाई तथा राम की पैड़ी समेत अन्य प्रमुख स्थलों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जाएगा।

अतिरिक्त बसें, पार्किंग और यातायात पर फोकस
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसों, अस्थायी बस स्टैंड और विशेष ट्रेनों की व्यवस्था के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। रेलवे स्टेशन पर सफाई, पेयजल, प्रकाश और बैरियर की व्यवस्था सुनिश्चित होगी।

वाहनों की पार्किंग के लिए उपयुक्त स्थलों का चयन किया जाएगा। पुलिस विभाग द्वारा यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, पर्याप्त पुलिस बल, जल पुलिस, मोटर बोट और अग्निशमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

खाद्य पदार्थों की होगी नियमित जांच

मेले के दौरान खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग नियमित चेकिंग अभियान चलाएगा। श्रद्धालुओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने पर भी प्रशासन का विशेष जोर रहेगा।

CCTV और संचार व्यवस्था भी होगी मजबूत

श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा के लिए ऐतिहासिक सूचना पट्ट, मार्गदर्शक पुस्तिका और पंपलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। मेला क्षेत्र में अस्थायी विद्युत कनेक्शन, पीए सिस्टम, टेंट, बैरियर, प्रकाश, पेयजल, पार्किंग, सीसीटीवी, फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी की व्यवस्था की जाएगी।

जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव और परिक्रमा-कार्तिक पूर्णिमा मेला अयोध्या की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण आयोजन हैं। इन आयोजनों में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ, सुगम और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।


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