
सैनिक परिवार सम्मान: ब्रिगेडियर पद पर पदोन्नत दो सैनिक पुत्रों का परिवार सम्मानित
पूर्व सैनिकों ने स्टेशन कमांडर को सौंपा पांच सूत्रीय ज्ञापन
अयोध्या। स्टेशन मुख्यालय स्थित डोगरा रेजिमेंट परिसर के ऑडिटोरियम में गुरुवार को पूर्व सैनिकों की स्टेशन कमांडर के साथ बैठक हुई। बैठक में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, अयोध्या धाम इकाई की ओर से पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। स्टेशन कमांडर ने पूर्व सैनिकों को आश्वासन दिया कि ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और पूर्व सैनिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही पूर्व सैनिकों की समस्याओं के निदान के लिए स्टेशन कमांडर को ज्ञापन दिया गया।

डोगरा रेजीमेंटल सेंटर में आयोजित इस बैठक में पूर्व सैनिकों और वीर नारियों ने ईसीएचएस, सीएसडी कैंटीन और जिला सैनिक कल्याण कार्यालय से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को उठाया। ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक के ओआईसी कर्नल सी.पी. सिंह ने पूर्व सैनिकों की ओर से उठाए गए सवालों के जवाब दिए।
कार्यक्रम में दो पूर्व सैनिक परिवारों सूबेदार जी.एन. उपाध्याय (राजपूत रेजिमेंट) और सूबेदार तिवारी (सिग्नल रेजिमेंट) के सुपुत्रों के ब्रिगेडियर पद पर पदोन्नत होने पर परिषद की ओर से दोनों परिवारों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
परिषद के जिला अध्यक्ष प्रकाश पाठक की अध्यक्षता में संपन्न इस बैठक में कैप्टन पवन सिंह, कैप्टन सिंधु कुमार पांडेय, कैप्टन उदयराज, सूबेदार आई.एस.यादव, सूबेदार जी.एन. उपाध्याय समेत स्टेशन मुख्यालय के अधिकारी मंचासीन रहे।
ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे
पूर्व सैनिकों की ओर से सौंपे गए पांच सूत्रीय ज्ञापन में कहा गया है कि ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक में कई बार पर्चे पर लिखी निर्धारित ब्रांड अथवा कम्पोजीशन की दवाएं उपलब्ध नहीं होतीं। इसके स्थान पर जेनेरिक दवाएं दी जाती हैं, जिनके प्रभाव को लेकर कई पूर्व सैनिक आपत्ति जता चुके हैं। दवा उपलब्ध न होने पर निजी मेडिकल स्टोर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ती हैं। ऐसे में मूल पर्चे के अनुसार दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए।
लेफ्टिनेंट कर्नल अविनाश मिश्रा की ओर से सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता तथा अभद्र भाषा और उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाया जाता है।
जिसकी जांच कर उचित प्रशासनिक कार्रवाई तथा व्यवहार में सुधार आवश्यक है। स्वास्थ्य सुविधा की बेहतरी के लिए ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक में हृदय, हड्डी, नेत्र और मेडिसिन जैसे विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। जिससे गंभीर मरीजों को लखनऊ रेफर किए कि प्रवृत्ति पर लगाम लग सके और बुजुर्ग पूर्व सैनिकों और उनके परिजन परेशानी से बच सके। जरूरत के आधार पर सप्ताह में कम से कम तीन दिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की रोस्टर ड्यूटी लगाई जा सकती है।
इसके साथ ही ज्ञापन में 75 वर्ष से अधिक उम्र के पूर्व सैनिकों के लिए अस्पताल और वरिष्ठ नागरिक पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के लिए सीएसडी कैंटीन में अलग काउंटर की मांग रखी गई है।
वहीं जिला सैनिक पुनर्वास एवं कल्याण अधिकारी की अपने कार्यालय में नियमित उपस्थिति का मुद्दा भी उठाया गया है। कहा गया है कि अधिकारी की सीमित उपस्थिति के कारण पेंशन, आश्रित प्रमाण-पत्र और रोजगार पंजीकरण जैसे कार्य प्रभावित होते हैं। ऐसे में सप्ताह में पांच दिन नियमित उपस्थिति सुनिश्चित और हेल्पलाइन नंबर सार्वजनिक किया जाए।
