
Ayodhya Deepotsav 2026: अयोध्या में 30 लाख दीपों से जगमगाएगी रामनगरी, पर्यटन विभाग ने निकाला आकर्षक पैकेज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियां तेज, 30 लाख दीपों से रोशन होगी रामनगरी
विदेशी मेहमानों को भी मिलेगा न्योता, 30 से अधिक देशों के प्रवासी भारतीयों को बुलाने की तैयारी
अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप अयोध्या के दीपोत्सव को इस बार और भव्य एवं आकर्षक बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। दिवाली की पूर्व संध्या पर होने वाले दीपोत्सव-2026 में देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अयोध्या की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराने के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने दो रात-तीन दिन का विशेष पैकेज जारी किया है। 16,999 रुपये प्रति व्यक्ति के इस पैकेज में श्रीराम जन्मभूमि दर्शन से लेकर सरयू आरती और भव्य दीपोत्सव का अनुभव शामिल किया गया है। खास बात यह है कि पर्यटक घर बैठे ही पैकेज की बुकिंग करा सकेंगे। विज्ञापन के अनुसार पैकेज में ग्रैंड दीपोत्सव अनुभव, श्री राम जन्मभूमि दर्शन, अयोध्या के मंदिर व हेरिटेज स्थलों का भ्रमण, सरयू आरती, आरामदायक होटल ठहराव और सुविधाजनक परिवहन शामिल हैं। किसी भी व्यक्तिगत खर्च, स्मारकों के एंट्री फीस (यदि लागू हो), बोट राइड चार्ज, टिप्स, पोर्टरेज, लॉन्ड्री व कॉल आदि को पैकेज में शामिल नहीं किया गया है। बुकिंग के लिए नंबर +91 83030 19844 और वेबसाइट www.upstdc.co.in उपलब्ध है। जीएसटी अलग से लागू होगा तथा नियम व शर्तें लागू रहेंगी। श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद के सीईओ जयेंद्र कुमार ने बताया कि पर्यटन विभाग के इस पैकेज से आम श्रद्धालु और पर्यटक आसानी से अयोध्या पहुंचकर दीपोत्सव का अनुभव ले सकेंगे। पैकेज में ठहरने और परिवहन की सुविधा होने से यात्रियों को अतिरिक्त परेशानी नहीं होगी। रामजन्मभूमि दर्शन और सरयू आरती जैसे आध्यात्मिक अनुभव के साथ लाखों दीपों की रोशनी देखना इस यात्रा को यादगार बनाएगा।पर्यटकों से अपील की गई है कि वे समय रहते पैकेज बुक कर लें। सीमित सीटें होने के कारण जल्दी बुकिंग फायदेमंद रहेगी।दीपोत्सव-2026 में फिर एक बार रिकॉर्ड बनने की पूरी संभावना है।
2100 ड्रोन शो व इतने ही बटुक करेंगे आरती
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में दीपोत्सव को वैश्विक स्तर का आयोजन बनाने की तैयारी जोरों पर है। पिछले साल सरयू तट पर 26 लाख 17 हजार 215 दीप प्रज्वलित किए गए थे। इस बार लक्ष्य 30 लाख से अधिक दीपों का है। दीपोत्सव में 2,100 ड्रोन शो का आकर्षण होगा। दीपोत्सव के अलावा दो दिन बाद जमघट पर भी यह शो होगा। साथ ही 3डी प्रोजेक्शन, लेजर शो और म्यूजिकल ग्रीन फायरवर्क्स भी आयोजित किए जाएंगे। रामायण थीम से रामनगरी को सजाया जाएगा। 2,100 बटुक सामूहिक सरयू आरती करेंगे। 240 से अधिक मंदिर-मठों में दीप प्रज्वलन होगा। धर्मपथ पर 10 रामायण द्वार बनाए जाएंगे तथा प्रमुख मार्गों पर तीन प्रवेश द्वार तैयार होंगे। 25 प्रमुख चौराहों की साज-सज्जा से अयोध्या और निखरेगी। सरयू में पुष्पक विमान का स्थायी इंस्टॉलेशन भी लगाया जाएगा।
विदेशी मेहमानों और प्रवासी भारतीय को भी भेजा जा रहा न्योता
दीपोत्सव में शामिल होने के लिए विदेशी मेहमानों और प्रवासी भारतीयों को भी न्योता भेजा जा रहा है। 30 से अधिक देशों के भारतीय दूतावासों और राजदूतों के माध्यम से प्रवासी भारतीयों तक आमंत्रण पहुंचाया जाएगा। इससे दीपोत्सव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक चर्चा में आने की उम्मीद है।
भीड़ प्रबंधन और यातायात पर दिया जा रहा है विशेष ध्यान
अयोध्या प्रशासन और पर्यटन विभाग पूरे आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने की तैयारी में जुटे हैं। सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दीपोत्सव सिर्फ दीप जलाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि रामनगरी की सांस्कृतिक विरासत, भक्ति और एकता का प्रतीक बन चुका है। इस बार दीपोत्सव में ड्रोन शो, लेजर शो और 3डी प्रोजेक्शन जैसे आधुनिक आकर्षण जुड़ने से युवा पीढ़ी भी आकर्षित होगी। साथ ही पारंपरिक दीप प्रज्वलन और आरती से धार्मिक भावनाएं भी मजबूत होंगी। इस के साथ दक्षिण भारतीय रामलीला को शामिल करने के साथ अन्य आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों होगा।
स्थानीय व्यापारियों और होटल संचालकों में उत्साह
दीपोत्सव की तैयारियां तेज हैं। स्थानीय व्यापारियों, होटल मालिकों और परिवहन संचालकों में भी उत्साह है। आयोजन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अयोध्या की सड़कें, घाट और मंदिर दीपों से जगमगाएंगे। रामायण की कहानियां दीवारों और द्वारों पर जीवंत होंगी।
जानिए, कब कितने दीप जले
वर्ष जले दीप
2017 1.71 लाख
2018 3.01 लाख
2019 4.04 लाख
2020 6.06 लाख
2021 9.41 लाख
2022 15.76 लाख
2023 22.23 लाख
2024 25 लाख
2025 26.17 लाख
