
राम मंदिर प्रकरण: चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग, हो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष शरद शुक्ला व राम मंदिर आंदोलन से जुड़े धर्मसेना प्रमुख संतोष दुबे ने पुलिस को दिया प्रार्थना पत्र
अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले शुरू हुई एसआईटी की जांच के बीच कांग्रेस नेता शरद शुक्ला व राम मंदिर आंदोलन से जुड़े धर्म सेना प्रमुख संतोष दुबे ने पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने के साथ मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
थाना राम जन्मभूमि पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्राप्त दान एवं चढ़ावे में सार्वजनिक रूप से सामने आई कथित हेराफेरी की जांच कर दोषियों पर तत्काल FIR दर्ज कर कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि उनकी यह मांग करोड़ों रामभक्तों की आस्था की रक्षा के लिए है।
उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि केवल एक मंदिर नहीं बल्कि राष्ट्र की आस्था का प्रतीक है, ऐसे में यदि कोई आरोप सामने आते हैं तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि कोई दोषी नहीं है तो यह भी स्पष्ट हो, और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई हो।
उनका कहना है कि प्रभु श्रीराम मर्यादा, न्याय और सत्य के प्रतीक हैं। उनकी जन्मभूमि से जुड़े किसी भी विषय में पारदर्शिता, जवाबदेही और सत्य की स्थापना ही रामभक्तों की भावनाओं का वास्तविक सम्मान है।

राम मंदिर आंदोलन से जुड़े संतोष दुबे ने दी तहरीर, जांच और कार्रवाई की उठाई मांग
राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी को लेकर राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहने वाले धर्मसेना प्रमुख संतोष दुबे ने भी मंगलवार को अपने अधिवक्ता व समर्थकों के साथ पुलिस को तहरीर देकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने तहरीर देकर मांग की है कि राम मंदिर के दान के पैसो की चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इस प्रकरण जो लोग दोषी हो, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
बता दें कि इस प्रकरण को लेकर पुलिस को दिया गया पहला प्रार्थना पत्र नहीं है इससे पहले भी एक हिंदूवादी संगठन की ओर से बीते शनिवार को सीओ अयोध्या को तहरीर सौंपी गई थी। इसकी प्रतिलिपि एसएसपी को संबोधित की गई है। पुलिस क्षेत्राधिकारी अयोध्या को सौंपी गई।
शिकायत में संगठन के विक्रम मणि तिवारी का कहना है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर देश विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का केंद्र हैं। इसी श्रद्धा और विश्वास के कारण देश-विदेश से आने वाले भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार भगवान और मंजूर को दान देते हैं।
मौजूदा समय में मीडिया और समाज में राममंदिर के चढ़ावे में गबन अथवा वित्तीय अनियमितता की चर्चा चल रही है। कहा जा रहा है कि कुछ लोगों से दान की हड़पी है रकम बरामद भी हुई है और गिनती कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरे में कुछ लोगों के खिलाफ साक्ष्य भी मिले हैं।
यह कृत्य और घटना भारतीय न्याय संहिता के तहत दंडनीय अपराध ही नहीं बल्कि करोड़ों रामभक्तों की धार्मिक भावनाओं को क्षति पहुंचाने वाला है। ऐसे में आपराधिक साजिश, गबन और धोखाधड़ी, धर्म, जाति, जन्म स्थान आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता बढ़ाने वाला है। ऐसे में तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर पूरे प्रकरण की
विवेचना कराई जाए और इस हाई प्रोफाइल प्रकरण की किसी स्वतंत्र एवं
उच्चस्तरीय एजेंसी जैसे सीबीआई, ईडी,ईओडब्ल्यू (CBI/ED/EOW) अथवा अन्य सक्षम एजेंसी से दानराशि के संग्रहण, गणना, परिवहन एवं बैंक में जमा करने की संपूर्ण प्रक्रिया तथा मामले में संलिप्त कर्मचारी, अधिकारी और ट्रस्ट पदाधिकारी के भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए। लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए जांच के निष्कर्ष को सार्वजनिक किया जाए तथा दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की गई थी।

